बहुजन समाज पार्टी की ओर से एक तरफ 2017 में उत्तराखंड में सरकार बनाने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पार्टी हरिद्वार से बाहर निकलने को तैयार नहीं है।
उत्तराखंड में तीसरे नंबर की पार्टी होने के बावजूद राजधानी में पार्टी का प्रदेश कार्यालय तक नहीं है। पार्टी की ओर से प्रदेश कार्यालय हरिद्वार में ही बनाया गया है।
कांग्रेस, भाजपा सहित प्रदेश में सक्रिय सभी राजनैतिक दलों की ओर से प्रदेश मुख्यालय राजधानी देहरादून में बनाया गया है। लेकिन बसपा ने इस मामले में अलग ही लाइन पकड़ी है। बसपा की ओर से प्रदेश कार्यालय हरिद्वार के शिवालिकनगर में बनाया गया है।
पार्टी प्रदेश की सारी गतिविधियों का संचालन वहीं से करती है। विशेष कार्यक्रमों को छोड़ दें तो प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों का राजधानी से कोई वास्ता नहीं पड़ता है। प्रदेश के किसी भी कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष से मिलना हो या प्रदेश संगठन से जुड़ा कोई काम हो तो उसे हरिद्वार ही जाना पड़ेगा। खास बात यह है कि पार्टी निकट भविष्य में भी प्रदेश कार्यालय हरिद्वार से बाहर ले जाने को तैयार नहीं दिख रही है।
हरिद्वार में रहे पार्टी केरहे हैं छह विधायक
पार्टी का हरिद्वार जिले से मोह यूं ही नहीं है। एक समय ऐसा भी रहा है कि हरिद्वार जिले में नौ में से छह विधायक बसपा केखाते में थे। 2007 केविधानसभा चुनाव में बसपा ने जिले में छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। तब मुख्य दल भाजपा केपास महज दो विधायक थे और कांग्रेस एक ही सीट पर सिमट गई थी।
हरिद्वार से बाहर भी खुला खाता
विधायकों केमामले में बसपा हरिद्वार जिले से बाहर भी खाता खोल चुकी है। यह बात और है कि उसका कोई लाभ पार्टी नहीं उठा पाई। 2007 केविधानसभा चुनाव में पार्टी के एकप्रत्याशी ने ऊधमसिंहनगर जिले में जीत दर्ज की थी।
पार्टी का प्रदेश कार्यालय पहले से ही हरिद्वार में चला आ रहा है। प्रदेश कार्यालय वहां से हटाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। देहरादून में भी एक कार्यालय खोलने पर विचार चल रहा है।
- प्रदीप कुमार, प्रदेश प्रभारी बसपा, उत्तराखंड