पुल पर लगी जाली का एक हिस्सा कटा हुआ था। मासूम वहां से तकरीबन 25 फीट नीचे कूड़े करकट और कीचड़ में फेंकी गई थी। कुलदीप ने बताया कि जिस समय उसने मासूम को उठाया उस समय वह बेतहाशा रो रही थी।
उसके हाथ-पैर टूटे हुए थे। उसे उसने पहले एक कपड़े से साफ किया। फिर महिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उस मासूम ने दोपहर लगभग दो बजे दम तोड़ दिया।
इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मासूम बस्ती के लोगों में से किसी की नहीं है। शायद उसे बाहर से लाकर यहां नदी में फेंका गया है। लोग इस घटना को अंजाम देने वालों को बार-बार कोस रहे हैं।