बेटी ने पक्ष लिया तो उसे भी डांट दिया। लेकिन भाई-बहन को यह बात इतनी बुरी लगी कि उन्होंने घर छोड़ने का फैसला ले लिया। यही नहीं दोनों बुधवार की रात बस में बैठक रुड़की पहुंच गए।
लेकिन यहां दोनों डर गए और उन्हें गलती का अहसास होने लगा। इसी दौरान यहां खड़े एक व्यक्ति को कुछ शक हुआ तो उसने दोनों से बातचीत शुरू की। उस व्यक्ति ने मौके नजाकत के समझते हुए पुलिस को सूचना दी। जिस पर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने दोनों को कोतवाली लाकर पूछताछ की और फिर परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिया।