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पढ़िए कैसे? जिद, गुस्सा और बड़ों की बात न मानने से नरक बनी भाई-बहन की जिंदगी

Thu, 31 Aug 2017 09:00 AM IST
सागर जोशी / अमर उजाला, हरिद्वार
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अपनी पूरी दुनिया कमरों में कैद कर दी थी
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जिद और गुस्सा और बड़ों की बात नहीं मानने की आदत ने अदिति और आदित्य ने अपने जीवन को नरक बना दिया था। अदिति ने चार और आदित्य डेढ़ साल से न तो नहाए और न ही कपड़े बदले।
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दोनों ने अपनी पूरी दुनिया कमरों में कैद कर दी थी। दोनों ने आपस में यदि आपस बात भी की तो सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए। मंगलवार को कालोनिवासियों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ये दोनों बाहर निकाले गए तो पूरी कहानी सुनकर हर किसी के रोगटे खड़े हो गए। दोनों के चेहरे पीले पड़े हुए थे।

सिर के बाल आपस में चिपक थे। नाखून बड़े बड़े हो गए। हर किसी की यहीं जिज्ञासा थी कि बंद कमरे में आखिर इनका जीवन बीता कैसे।
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अदिति ने चार साल से सूरज नहीं देखा

दोनों बच्चे हो गए हैं काफी कमजोर - फोटो : अमर उजाला
परिजनों और बच्चों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि अदिति ने चार साल से सूरज नहीं देखा। वह नित्यक्रम के लिए घर के ऊपरी हिस्से में बने एक शौचालय में जाती थी, लेकिन देखा किसी ने नहीं।

अपनी डिमांड वह पर्ची पर लिखकर दरवाजे के नीचे से खिसका दे देती थी। घर वालों से खाने के साथ-साथ लैपटॉप और मोबाइल की डिमांड इसी तरह से की थी। ऐसे ही उसके भाई की जीवन शैली थी। इन दोनों बच्चों इस अविधि में बोलकर भी अपने परिजनों से बातचीत नहीं की।

केवल आपस में चैटिंग के जरिए बात करते रहे। एसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि दोनों बच्चे काफी कमजोर हो गए हैं। उनकी जिद और अभद्र व्यवहार के चलते ही घरवालों ने कभी पुलिस और प्रशासन की मदद नहीं ली। पुलिस हर सप्ताह घर पहुंचकर निगरानी करेगी। 
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