जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी बना 22 साल का शोएब अहमद लोन देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित एक इंस्टीट्यूट में बीएससी आईटी तृतीय वर्ष का छात्र था। वह जनवरी 2018 में परीक्षा देने के बाद घर गया तो लौटकर नहीं आया था। इंस्टीट्यूट ने शोएब के घर वालों को उसके गैरहाजिर होने के संबंध में पत्र भेजा। तब उसके घर वालों ने तलाश शुरू की।
इसी बीच सोशल मीडिया पर शोएब की आतंकियों की वेशभूषा में फोटो और वीडियो वायरल हो गई। जिसके बाद सेना और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क भी किया था।
जानकारी के मुताबिक शोएब वर्ष 2015 में देहरादून आया था और तब से यहीं पढ़ाई कर रहा था। जनवरी 2018 में तृतीय वर्ष की परीक्षा देने के बाद वह छुट्टी लेकर घर चला गया। जिसके बाद वह देहरादून नहीं लौटा। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन करने वाले शोएब को संगठन ने मुरसी भाई नाम दिया था।
फरवरी 2018 से शोएब की गुमशुदगी और फिर फेसबुक पर एके-47 से लैस उसकी एक फोटो के आधार पर यह मामला पुलिस तक पहुंचा था। तब एडीजी अशोक कुमार ने शोएब मोहम्मद लोन के गायब होने की पुष्टि की थी। शोएब की मां ने ही जम्मू-पुलिस को सूचना दी थी कि शोएब आतंकी संगठन में शामिल हो गया है।
यह कोई पहला वाकया नहीं है, जब देहरादून में पढ़ रहे कश्मीर के युवा ने आतंक की राह चुनी। 2017 जून में कश्मीर में दानिश नाम का आतंकी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ा तो पता चला कि वह भी दून में पढ़ाई कर रहा था।
बता दें कि मई 2017 में परीक्षा बीच में छोड़ गायब हुए श्रीनगर के छात्र दानिश की तलाश दून पुलिस भी कर रही थी। तभी दानिश की फोटो एक आतंकी के जनाजे के साथ दिखी तो वहां पढ़ रहे उसके दोस्त उसे पहचान गए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में शोएब ने खुद को बीएससी आईटी और सर्टिफाइड एथिकल हैकर (सीईएच) बताया था। ऑर्गेनाइजेशन में उसके एक्टिव होने की तारीख 20 सितंबर 2018 अंकित थी।
संदिग्ध छात्र शोएब जम्मू कश्मीर के एक ऐसे जिले का रहने वाला है, जो आतंकी गतिविधियों से अत्याधिक प्रभावित है। छात्र देहरादून में प्रेमनगर स्थित एक इंस्टीट्यूट में बीएससी आईटी तृतीय वर्ष में पढ़ रहा था।