दून के झाझरा को शिमला बाईपास से जोड़ने वाली सड़क और पुल को अब सांसद तरूण विजय की माता स्व. विद्यामाता राजरानी के नाम नाम से जाना जाएगा। शनिवार को राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने मार्ग एवं सेतु का नामकरण किया।
उन्होंने आईटीआईटीआई (इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट फॉर द ट्राइब्स ऑफ इंडिया) में समाजसेवी विद्यामाता राजरानी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि विद्यामाता राजरानी ने शिक्षा के माध्यम से समाज को विकसित करने का काम किया। उनकी दूरगामी सोच राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
तरुण विजय को दी बधाई
उन्होंने विद्यामाता राजरानी की सोच को आगे बढ़ाने के लिए सांसद तरूण विजय को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य विकास की ओर अग्रसर है। रोजाना राज्य के अलग-अलग कोनों में विकास योजनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
इस मौके पर सांसद तरूण विजय, सहसपुर के विधायक सहदेव पुण्डीर, यू-कोस्ट(स्टेट कांउसिल फॉर साइंस एण्ड टैक्नोलॉजी) के निदेशक डॉ. राजेन्द्र डोभाल, आईटीआईटीआई के ट्रस्टी राकेश ओबराय, लोनिवि के ईई वाईएन राजवंशी, एसडीओ केके उनियाल, एसडीएम हर गिरी, नीलम सहगल, योगेंद्र पुंडीर, सुखदेव फरस्वाण, यशपाल नेगी, सुखवीर बुटोला आदि मौजूद रहे।