गंगा में खनन खोलने और स्टोन क्रशरों को बंद करने की मांग को लेकर आमरण अनशन (तपस्या) पर बैठे मातृ सदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन उठाया लिया। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालूम हो कि गंगा में खनन के खिलाफ मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने 30 अक्तूबर को आश्रम परिसर में ही आमरण अनशन शुरू कर दिया था। इस दौरान प्रशासन की तरफ से तहसीलदार ने उनसे वार्ता कर अनशन समाप्त करने की अपील भी की, लेकिन खनन बंद होने पर ही अनशन तोड़ने की बात कहते हुए उन्होंने प्रशासन की अपील को ठुकरा दिया था। अनशन के चलते लगातार उनका स्वास्थ्य गिर रहा था।
कई बार मेडिकल टीम ने आश्रम पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जांच करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य की जांच से भी इनकार कर दिया था। बुधवार को भी प्रशासन ने ब्रह्मचारी से अनशन खत्म करने की अपील की।
अनशन समाप्त नहीं करने पर बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे जिला भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एसडीएम मनीष सिंह डाक्टरों की टीम को लेकर अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद से आग्रह किया कि वह ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को आमरण अनशन खत्म करने को कहें।
स्वामी शिवानंद ने खनन रोकने और स्टोन क्रशर बंद करने की मांग की। एसडीएम ने शासन के निर्देशों का हवाला दिया। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने के बाद प्रशासन ने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जबरन उठा लिया। उन्हें एंबुलेंस में बिठाकर देहरादून ले जाया गया। इस दौरान मातृसदन के किसी संत ने प्रशासन की इस कार्रवाई का कोई विरोध नहीं किया।