गंगा में नहाते समय अचानक रोहन का पैर फिसल गया। उसे बचाने के चक्कर में अरुण भी गंगा में कूद गया, लेकिन दोनों गंगा के तेज बहाव से निकल नहीं सके। युवकों को डूबता देख गंगा तट पर खड़े लोग चिल्लाने लगे।
शोर सुनकर थोड़ी दूरी नहा रहे ऋषिकेश शांतिनगर निवासी की नजर डूबते युवकों पर पड़ी। सुमित ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा के तेज बहाव छलांग लगा दी। काफी प्रयास के बाद सुमित की मेहनत रंग लाई और दोनों युवकों को किनारे लाने में सफल हुआ। युवकों की जान बचाने पर गंगा तट पर खड़े लोगों ने सुमित का तालियों से स्वागत किया। वहीं रोहन और अरुण ने सुमित का दिल से आभार व्यक्त किया।