प्रभावित खीम सिंह पंवार ने बताया, जिस समय पत्थर घर में आए उस वक्त कोई घर पर नहीं था, लेकिन मकान का गेट, दरवाजे और खिड़कियां टूट गई और पैदल रास्ता भी ध्वस्त हो गया। उन्होंने कार्यदायी संस्था से क्षतिपूर्ति की मांग की है। कहा, सड़क कटिंग के दौरान भारी लापरवाही बरती जा रही है।
वहीं, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो इस संबंध में कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क कटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने को कहा है।