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घोड़ा खरीद लिया, घास के लाले

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पिछले दिनों कुछ इस तरह से खराब हुई थी दून अस्पताल लिफ्ट ।
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी को अधूरे निर्माण कार्य और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं के बिना ही करोड़ों रुपये से बने नए ओपीडी भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे मरीजों को खासी दिक्कत हो रही है। नए ओपीडी भवन परिसर में न तो पार्किंग की समुचित व्यवस्था है और न ही परिसर पूरी तरह से बन पाया है। यही नहीं मरीजों के लिए लगने वाली लिफ्ट का कार्य भी अधूरा पड़ा है।
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मजबूरन कई मरीज और स्टाफ भी सामान्य व छोटी लिफ्ट का प्रयोग कर रहे हैं। लिफ्ट का संचालन भी ढंग से नहीं हो पा रहा है। लिफ्ट बार-बार खराब होने से मरीजों की जान पर आफत बन रही है। इससे अब मरीज लिफ्ट का प्रयोग करने से भी डर रहे हैं। इससे खासकर बुजुर्गों और सांस के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। इसी तरह, सीसीटीवी कैमरे न होने और गार्ड की संख्या भी कम होने के कारण जेबकतरों की सक्रियता बढ़ गई है। पिछले दो दिन मोबाइल और पर्स चोरी की घटनाएं हो चुकी है। नए ओपीडी भवन में मरीजों को हो रही दिक्कतों को लेकर अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को इसका जायजा लिया।
सुबह 11 बजे
ओपीडी बिल्डिंग के बाहर पार्किंग की जगह चार पहिया और दोपहिया वाहनों से भरने लगी है। इससे मरीजों को भी आने जाने में दिक्कत हो रही है। पार्किंग फुल होती देख वहां तैनात गार्ड लोगों को वाहन अंदर न ले जाने को कह रहे हैं। इसे लेकर कुछ लोग गार्ड से नोकझोंक भी कर रहे हैं। अब अस्पताल परिसर के बाहर पुराने कबाड़ी बाजार वाली सड़क के किनारे भी वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बनी हुई है।
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सुबह 11.30 बजे
ओपीडी का पर्चा बनाने वाले काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी लाइन लगी है। उसके सामने ही दवा वितरण की खिड़कियों के आगे भी लाइन लगनेे लगी है। कुल मिलाकर ग्राउंड फ्लोर के हिस्से पर भीड़भाड़ है। जिससे मरीजों के आने जाने के लिए रास्ता भी बड़ी मुश्किल से मिल पा रहा है।
दोपहर 12 बजे
ओपीडी में डाक्टरों को दिखाने के लिए मरीज सीढ़ियों से जाने को मजबूर हैं। कुछ रैंप से चल रहे हैं। लिफ्ट की आस में बीच-बीच में मरीज वहां पहुंच रहे हैं। लंबे इंतजार के कारण तो कुछ लिफ्ट बंद होने के डर की वजह सीढ़ियों से जा रहे हैं। कुछ ही मरीज हैं जो लिफ्ट का इस्तेमाल कर पा रहे हैं। ग्राउंड से फ्लोर से लेकर चौथे फ्लोर तक मरीजों को सीढ़ियों से जाना पड़ रहा है।
दोपहर एक बजे
अब भी विभिन्न विभागों की ओपीडी में भीड़ लगी है। मरीजों की तुलना में ओपीडी के बाहर जगह कम लग रही है। जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं। कुछ मरीज अस्पताल प्रबंधन को कोस रहे हैं। तो कुछ इस बात को लेकर भी एतराज जता रहे हैं कि जब निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है तो जल्दबाजी में ओपीडी शिफ्ट करने की जरूरत क्या थी।
कोट्स ::::
अभी ओपीडी शिफ्ट हुए नई बिल्डिंग में अभी कुछ ही दिन हुए है। व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। लिफ्ट, पार्किंग और सीसीटीवी संबंधी दिक्कत को लेकर प्रिंसिपल को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. केके टम्टा, चिकित्सा अधीक्षक दून मेडिकल अस्पताल
पीजी कोर्स के लिए एमसीआई ने 150 बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुरानी बिल्डिंग के अधिकतर हिस्से में नए वार्ड बनाए जाने हैं। नए ओपीडी भवन मेें जो दिक्कत आ रही हैं, उन्हें लेकर लगातार संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. आशुतोष सयाना, प्रिंसिपल राजकीय दून मेडिकल कॉलेज

घंटो लाइन में लगे रहने के बाद दवाई लेकर जाते बुजुर्ग ।

राजकीय दून मेडिकल चिकित्सालय में दवाई लेने के लिए बैठे मरीज ।

राजकीय दून मेडिकल चिकित्सालय में सीढ़ियों से उतरते मरीज और उनके परिजन ।

राजकीय दून मेडिकल चिकित्सालय में दवाई लेने के लिए लगी मरीजों की भीड़ ।

राजकीय दून मेडिकल चिकित्सालय के बाहर स्ट्रेचर में अपने परिजन को लिटाकर खड़ी युवती ।

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