राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा हथियार साबित हुआ है। आरटीआई ने सरकारी विभागों से सूचनाएं लेने की प्रक्रिया को भी आसान कर दिया है।
मंगलवार को उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग के सदस्य एवं हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति राजेश टंडन की दो पुस्तकों का आयोग के कार्यालय में विमोचन हुआ। वक्ताओं ने आरटीआई की विशेषताएं भी बताई। ‘सूचना का अधिकार अधिनियम’ पर लिखी पुस्तक का विमोचन सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल और एसएस रावत ने किया।
मददगार साबित होगी पुस्तक
सूचना आयुक्तों ने कहा कि यह पुस्तक न्यायाधीशों, लोक सूचना अधिकारियों, आरटीआई एक्टिविस्ट और आमजन के लिए मददगार साबित होगी। इसी तरह, न्यायमूर्ति टंडन की दूसरी पुस्तक ‘अरबन बिल्डिंग एंड एविक्सन एक्ट’ का विमोचन न्यायमूर्ति ब्रह्म सिंह वर्मा, न्यायमूर्ति बीसी कांडपाल, न्यायमूर्ति एमएम घिल्डियाल ने किया।
न्यायमूर्ति टंडन ने बताया कि यह अरबन बिल्डिंग एंड एविक्सन एक्ट का छटा संस्करण है। इसमें किराए से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का विवरण है। पुस्तक में एक्ट की विशेषता के बारे में भी विस्तृत जानकारी है।
इस अवसर पर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष न्यायाधीश बलबीर प्रसाद, मानवाधिकार आयोग के निबंधक सुनील कुमार गुप्ता, समाजसेवी श्याम सुंदर गोयल, आरटीआई एक्टिविस्ट भूपेंद्र कुमार, अजय सक्सेना, अनिल गोयल, विक्रम पुंडीर, मदन रावत, वैभव कुमार मौजूद रहे।