हल्द्वानी में रामनगर रोड कमोला स्थित एक पोल्ट्री फार्म से प्रशासन ने एक बंधुआ मजदूर को मुक्त कराया है। मजदूर झारखंड का रहने वाला है और छह साल पहले भटकते हुए पोल्ट्री फार्म पहुंचा था। मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय प्रशासन ने मजदूर को मुक्त कराते हुए पोल्ट्री फार्म मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
एसडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक मानवाधिकार आयोग का सोमवार को उन्हें पत्र मिला। इसमें रांची (झारखंड) के तहसील गुरला निवासी एतवा हमरो (50) नाम के व्यक्ति से कमोला स्थित एक पोल्ट्री फार्म में बंधुआ मजदूरी कराए जाने की बात कही गई थी। आयोग के पत्र को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने मंगलवार को छापा मारा।
पोल्ट्री फार्म में एक मजदूर काम करते हुआ मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम एतवा हमरो बताया। एसडीएम ने तत्काल तहसीलदार कालाढूंगी, थाना पुलिस और श्रम विभाग की टीम को बुलाया। एसडीएम के मुताबिक मजदूर के बयान दर्ज कर पोल्ट्री फार्म मालिक राजू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
एतवा हमरो के मुताबिक छह साल पहले वह भटकते हुए कमोला स्थित राजू पोल्ट्री फार्म पहुंचा। फार्म स्वामी ने उसे मजदूरी पर रख लिया। शुरुआत में कुछ दिनों तक मजदूरी दी, लेकिन बाद में बंद कर दी। फार्म मालिक ने उसे काम छोड़कर नहीं जाने दिया। वह सिर्फ खाना खिलाता था और काम कराता था।
मुक्त कराए मजदूर के मुताबिक साल भर पहले उसने मौका पाकर अपने घर चिट्ठी भेजी और कमोला में बंधक होने की जानकारी दी। उसके परिवारजन पोल्ट्री फार्म पहुंचे। फार्म स्वामी ने फिर भी उसे नहीं छोड़ा।
करीब छह माह पहले फिर मजदूर ने घर चिट्ठी लिखकर फार्म स्वामी के चंगुल से छुड़ाने की गुहार लगाई। तहसीलदार के मुताबिक दूसरी चिट्ठी मिलने के बाद मजदूर के परिवारजनों ने दिल्ली में एक एनजीओ की मदद से मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई।
एसडीएम के मुताबिक पोल्ट्री फार्म स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मजदूर के बरामद होने की सूचना आयोग और उसके परिवारजनों को दे दी है। परिवारजनों के पहुंचने पर मजदूर को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।