नेपाल के पश्चिमी क्षेत्र के कैलाली और डोटी जिलों के तीन गिरजाघरों में शनिवार आधी रात को बम विस्फोट हुआ। तेज आवाज के साथ हुए धमाकों से लोग दहशत में आ गए।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। ये धमाके किसने किए हैं और इन धमाकों से हुए नुकसान की जानकारी नहीं मिल सकी है।
कैलाली के प्रमुख प्रहरी उपनिरीक्षक विनोद घिमरे ने जिले के धनगड़ी उप महानगर पालिका 4 के माइटोलमा चर्च में धमाके की पुष्टि की है। नेपाल के कुछ हिस्सों में ईसाई समाज पर प्रलोभन देकर धर्मांतरण के पिछले कुछ समय से आरोप लगते रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
5 मई को भी कैलाली जिले में बारूदी विस्फोट की घटना प्रकाश में आई थी
indo nepal border
इससे पहले 5 मई को भी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी विप्लव गुट के ओली सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिनी नेपाल बंद के आह्वान के दौरान कैलाली जिले में बारूदी विस्फोट की घटना प्रकाश में आई थी।
यहां गौरीगंगा क्षेत्र में एक सरकारी कार्यालय के पास बारूदी विस्फोट किया गया था। दूसरी ओर धनगढ़ी में एक सरकारी कार्यालय के बाहर विस्फोट की कोशिश की गई। लेकिन नेपाल सेना समय रहते ही दूसरे बम को निष्क्रिय कर दिया।
बम विस्फोट की घटना के बाद स्थानीय बाशिंदे दहशत में हैं। इधर, सीमा स्थित नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर में बंद बेअसर रहा।
शनिवार को नेपाल बंद के दौरान कैलाली के गौरीगंगा नगर पालिका वार्ड 10 में स्थित ग्राम पंचायत कार्यालय भवन के पास विस्फोट हुआ था। जोरदार धमाके से कार्यालय और 50 मीटर दूरी तक मौजूद लोग सहम गए।
पुरवार पेट्रोल पंप के पास सड़क पर भी एक बम मिला था
सांकेतिक चित्र
- फोटो : PTI
विस्फोट की जानकारी होने पर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि, विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस घटना के बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया। नेपाली सेना और पुलिस ने सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक इलाकों में चेकिंग की।
इस बीच, नेपाल सेना के जवानों को धनगढ़ी उप नगर पालिका के पुरवार पेट्रोल पंप के पास सड़क पर भी एक बम मिला था। सेना के बम निरोधक दस्ते ने बम को निष्क्रिय किया। कैलाली जिला प्रहरी कार्यालय के प्रवक्ता वीर बहादुर ने बताया कि विस्फोट की घटना की गहराई से छानबीन कराई जा रही है।
इधर कंचनपुर जिले में विप्लव गुट के प्रभारी डीडी पांडेय के नेतृत्व में बुलाया गया एक दिनी बंद बेअसर रहा।
महेंद्रनगर बाजार आधा खुला रहा। वाहनों का संचालन नेपाल भारत के बीच पूर्व की तरह सुचारु रहा, लेकिन नेपाल के दूरदराज से वाहनों के महेंद्रनगर नहीं पहुंचने से बनबसा सीमा पर चहल-पहल में आंशिक कमी रही।