उन्होंने कहा कि अभिनेता बनने की इच्छा रखने वालों को कम से कम तीन साल किसी अच्छे एक्टिंग इंस्टीट्यूट से कोचिंग करनी चाहिए। आजकल ज्यादातर फर्जी एक्टिंग स्कूल खुल रहे हैं, जो फिल्म कलाकारों और डायरेक्टर के साथ फोटो दिखाकर युवाओं को धोखा दे रहे हैं।
उन्होंने जामिया में हुई बंदूकबाजी की घटना को सस्ती पब्लिसिटी के लिए उठाया कदम बताया। तिग्मांशु ने कहा कि आज हर कोई फेम में आना चाहता है। गलत काम करने वाला जल्दी चर्चा में आता है। नतीजा चाहे जो भी, लेकिन आज बंदूक लहराने वालों को सब जानते हैं।
फंड दो, मैं बनाऊंगा गढ़वाली फिल्म
उत्तराखंड में गढ़वाली-कुमाऊंनी की अच्छी फिल्में नहीं बनतीं। जो कुछ फिल्में बनी, उनमें से ज्यादातर पुरानी हिंदी फिल्मों की नकलभर है। लोगों को आंचलिक सिनेमा की तरफ ले जाने के लिए अच्छी फिल्में बनानी होंगी। सरकार अगर फंड की व्यवस्था करे, तो मैं फिल्म बनाने को तैयार हूं। बंगला, मलयालम और मराठी सिनेमा की तरह हमें अवॉर्ड विनिंग फिल्में बनानी होंगी।