एअर मार्शल डीएस रावत ने बताया कि चीन सीमा से सटे सभी इलाकों पर भारतीय सेना हवा और जमीन से निरंतर चौकसी कर रही है, जिसके तहत सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर मालवाहक विमान की करीब चार से पांच बार सफल लैंडिंग व उड़ान की जा चुकी है।
एयर पोर्ट की अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वायु सेना व थल सेना के बीच बेहतर सामंजस्य बनाने के लिए अक्टूबर मध्य से अंत तक संयुक्त युद्धाभ्यास किया जाएगा। इस मौके पर पैरा आर्मी के कर्नल अजीत झा, स्क्वार्डन लीडर एस बनर्जी, सचिन गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर घनश्याम सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तरकाशी के नेलांग घाटी स्थित भारत चीन सीमावर्ती चौकियों पर युद्धाभ्यास के लिए बोफोर्स तोप भी ले जाई जा रही है। सोमवार को सीमावर्ती चौकियों पर जा रही दो बोफोर्स तोप उत्तरकाशी से होकर गुजरीं।
लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम व कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाली इन तोपों की बॉर्डर पर तैनाती से सीमा पर भारत की स्थिति मजबूत होनी तय है। सीमा क्षेत्र में बीते कुछ दिन से वायु सेना के लड़ाकू विमान भी लगातार उड़ान भर रहे हैं।