एनाटॉमी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमके पंत बताते हैं कि सरस्वती के शव को कॉलेज के संग्रहालय में रखा जाएगा। इसको यहां पर लंबे समय तक संरक्षित रखा जाएगा। एनाटॉमी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमके पंत ने बताया कि कॉलेज के संग्रहालय में रखे जाने वाले शवाें के दर्शन के लिए उनके परिवार को अनुमति नहीं दी जाती है।
इससे परिवार के लोग मानसिक पीड़ा में जा सकते हैं। दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि समिति की ओर से यह 14वां देहदान कराया गया है। दून मेडिकल कॉलेज के एनाटाॅमी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमके पंत और सहायक प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार मार्य ने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज में अब तक कुल 33 शवों का देहदान हो चुका है।