बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप प्रकरण का खुलासा अमर उजाला ने किया था। अमर उजाला की सूचना के बाद मौके पर पहुंची सहसपुर पुलिस ने पड़ताल की तो परत-दर-परत मामला खुलता चला गया। 16 सितंबर को अमर उजाला ने प्रथम पृष्ठ पर खबर प्रकाशित की थी।
दूसरे ही दिन से न केवल सीबीएसई बल्कि पूरा सिस्टम सक्रिय हो गया। सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया और सीबीएसई को सीधे स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश कर दी थी।
एनजीओ देंगे मदरसों में सुविधाएं
शिक्षा विभाग में पंजीकृत प्रदेश के 297 मदरसों को अब गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की मदद से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने बताया कि अगले कुछ दिनों में गैर सरकारी संगठनों के साथ बैठक आयोजित कर उनसे प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।
प्रदेश के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों और मदरसों की जांच होगी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने सभी जिलाधिकारियों को इस आशय का पत्र लिखा है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित होगी, जो विद्यालयों व मदरसों का निरीक्षण करेगी।
भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप की घटना सामने आने के बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को पत्र भेजकर स्कूलों व मदरसों की जांच के निर्देश दिए थे। महानिदेशक ने बताया कि प्रत्येक जिले में तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें प्रशासन, वित्त और शिक्षा विभाग का एक-एक प्रतिनिधि शामिल होगा। यह समिति सभी विद्यालयों और मदरसों की जांच करेगी।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने बताया कि समिति विद्यालयों व मदरसों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, उत्पीड़न, नशे के प्रयोग समेत अन्य बिंदुओं पर जांच करेगी। साथ ही छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषयों पर जागरूक भी करेगी। उधर, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि स्कूल या मदरसे में गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।