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बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप: डॉक्टर ने खोले स्कूल प्रबंधन की काली करतूतों के राज, सुनकर सकते में आई पुलिस

Sat, 22 Sep 2018 08:13 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून के बोर्डिंग स्कूल में छात्रा संग दुराचार के बाद जांच में डॉक्टर ने स्कूल प्रबन्धन की काली करतूत के सारे राज खोल दिए। छात्रा का दवा देनी वाली बुजुर्ग महिला चिकित्सक ने पुलिस को उस दिन (रविवार) के पूरे घटनाक्रम का ब्योरा पुलिस को लिखित में दिया है। चिकित्सक ने बताया कि उनके पास स्कूल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और उसकी पत्नी छात्रा के माता-पिता बनकर आए थे। 

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उन्होंने छात्रा को मासिक धर्म न होने की बात कही और इसके लिए दवा मांगी थी। इस पर उन्होंने दवाएं पर्चे पर लिखी और उसका अल्ट्रासाउंड कराने के बाद रिपोर्ट दिखाने को कहा। मगर, इसके अगले दिन उनके पास कोई नहीं आया।
 

बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में प्रबंधन के पांचों लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने जबरन गर्भपात कराने और आरोपियों को छुपाने की धाराएं भी जोड़ दी हैं। इधर, आरोपियों ने बृहस्पतिवार को जमानत अर्जी लगाई थी, जिस पर सोमवार को न्यायालय में सुनवाई होगी। 
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अधिकारियों ने छात्रा पर गर्भपात कराने का दबाव डाला

गौरतलब है कि गत 16 सितंबर को भाऊवाला बोर्डिंग स्कूल में छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। घटना 14 अगस्त को हुई थी। इसके बाद जब छात्रा के गर्भवती होने का पता चला तो स्कूल की डायरेक्टर समेत कई अधिकारियों ने छात्रा पर गर्भपात कराने का दबाव डाला।

पुलिस ने मामले में चार छात्रों और निदेशक समेत प्रबंधन के पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने छात्रों के खिलाफ गैंगरेप व पोक्सो अधिनियम और निदेशक समेत पांच के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, साक्ष्य छुपाने और पोक्सो की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

अब चूंकि मेडिकल रिपोर्ट में छात्रा के गर्भपात की पुष्टि हुई है तो इस मुकदमे में आईपीसी 313 (जबरन गर्भपात कराने) और आईपीसी 212 (आरोपियों को छुपाने) धाराएं भी जोड़ी गई हैं। बता दें कि प्रबंधन के अधिकारियों ने आरोपी छात्रों को राजपुर रोड स्थित ब्रांच में छुपा दिया था।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पांचों आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कड़ा करने के लिए यह कदम उठाया गया है। एसआईटी को मामले की गंभीरता से जांच करने और जमानत अर्जी के विरोध में मजबूत साक्ष्य पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। 
 
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ये हो सकती हैं इन धाराओं में सजा 

अभियोजन पक्ष गैंगरेप के बालिग अभियुक्तों और मामले में सहअभियुक्तों के खिलाफ अदालत में अपराध साबित करने में सफल  हुआ तो  ये हो सकती हैं इन धाराओं में सजा 

आईपीसी 376(डी)(गैंगरेप) व पोक्सो- आजीवन कारावास व अर्थदंड 

आईपीसी 120बी(आपराधिक षडयंत्र)- मुख्य अपराध में सजा के समान यानी आजीवन कारावास तक 

आईपीसी 201 (साक्ष्य छुपाना)- मुख्य अपराध में सजा के समान यानी आजीवन कारावास तक 

आईपीसी 313(जबरन गर्भपात कराना)- आजीवन कारावास तक व अर्थदंड 

आईपीसी 212(आरोपियों को छुपाना)- मुख्य अपराध में सजा की एक चौथाई अवधि व अर्थदंड 
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