बाल संरक्षण आयोग ने बोर्डिंग स्कूल की दुष्कर्म पीड़िता को प्रवेश देने से इंकार करने वाले स्कूल की जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर 15 दिन में इसकी जांच रिपोर्ट मांगी है। वहीं पुलिस भी स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विधिक राय लेने में लगी है। सोमवार तक पुलिस भी कार्रवाई के लिए निर्णय ले सकती है।
बता दें कि बोर्डिंग स्कूल में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई पीड़िता को दून के नामी स्कूल ने प्रवेश देने से इंकार कर दिया। प्रवेश के समय स्कूल में गए उसके माता पिता को यह कहकर स्कूल ने मना कर दिया कि वे दुष्कर्म पीड़िता को अपने यहां प्रवेश नहीं दे सकते हैं। मामला 27 सितंबर का था, जिसमें पीड़िता की अधिवक्ता अरुणा नेगी चौहान ने बीते मंगलवार कई स्तर पर इसकी शिकायत की थी।
अधिवक्ता चौहान ने मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग, जिलाधिकारी, एसएसपी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद को शिकायती ई-मेल भेजा था। इस शिकायत का शनिवार को बाल संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को स्कूल की जांच करने के आदेश दिए हैं। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि यह मामला गंभीर है। स्कूल के खिलाफ जांच करने के बाद कार्रवाई होनी चाहिए। इसी के मद्देनजर उन्होंने 15 दिन में इसकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
वहीं पुलिस भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ने बताया कि इस संबंध में विधिक राय ली जा रही है। सोमवार तक इसमें कोई न कोई निर्णय ले लिया जाएगा कि किस तरह स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि स्कूल के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।