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बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप: शातिर बालिग छात्र ने खुद को बचाने के लिए रचा था ये षड़यंत्र

Thu, 20 Sep 2018 11:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप का आरोपी छात्र सर्वजीत बेहद शातिर निकला।

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सर्वजीत ने अपनी उम्र खुद ही पुलिस से छिपाई थी। शायद वह जानता था कि अगर खुद को नाबालिग बताएगा तो वह सजा से बच सकता है।

हालांकि, जब पुलिस ने स्कूल से दस्तावेज मांगे तो पता चला कि उसका जन्म फरवरी 2000 में हुआ था। जबकि, उसने खुद की पैदाइश फरवरी 2001 बताई थी।

दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

सहसपुर के बोर्डिंग स्कूल में हुई शर्मनाक घटना की राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी ने निंदा की है। पार्टी अध्यक्ष नवनीत गुसाईं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान सुशील विरमानी, प्रभात डंडरियाल, रामेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, राजेंद्र बिष्ट, जगमोहन रावत, महावीर रावत आदि मौजूद रहे।

इधर, मानवधिकार एवं समाजिक न्याय संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने घटना पर निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड का दुर्भाग्य है कि शांत शहर में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। ऐसी घटना देश को शर्मसार करती है।

केंद्रीय स्तर पर हो प्रदेश के स्कूलों की जांच
देहरादून। ऑल इंडिया उत्तराखंड पैरेंट्स एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रदेश के सभी प्राईवेट स्कूलों की केंद्रीय स्तर जांच की जाए। इस संबंध ने एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखा है। एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव सुदेश उनियाल ने कहा कि बीते दिनों शहर के एक स्कूल की घटना से प्रदेश के सभी स्कूलों पर प्रभाव पड़ा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रदेश के सभी स्कूलों की जांच के साथ ही सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए जाएं।
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अमर उजाला ने किया था बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से हुए गैंगरेप का खुलासा

बता दें कि भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से हुए गैंगरेप का गत रविवार को खुलासा हुआ था। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया था। पता चला था कि स्कूल के ही चार छात्रों ने छात्रा से गैंगरेप किया है।

स्कूल प्रशासन ने इस मामले को दबाने के लिए हर हथकंडा अपनाया। पुलिस ने जांच करते हुए महज 24 घंटे में ही चारों छात्रों को हिरासत में लेकर स्कूल की निदेशक, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी व आया को गिरफ्तार कर लिया था।

स्कूल प्रबंधन से जुड़े इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने छात्रा का गर्भपात कराने के लिए उसे जबरदस्ती दवाएं खिलाई हैं। इधर, निदेशक लता गुप्ता, प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, दीपक की पत्नी तनु, आया मंजू और छात्र सर्वजीत की ओर से प्रभारी पोक्सो न्यायाधीश गुरबख्श सिंह की कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई थी।
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