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नहीं बने नए वोटर, आखिर कहां गए बीएलओ?

Wed, 20 Jul 2016 09:38 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : file photo
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वोटरों का भौतिक सत्यापन, नए वोटर बनाने और वोटर लिस्ट अपडेट करने का अभियान देहरादून जिले में अधूरा ही रह गया।
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कई जगह 18 साल और उससे अधिक की उम्र पूरी कर चुके नागरिक वोटर बनने से चूक गए। तमाम लोग ऐसे भी हैं, जिनके नाम, पते आदि में संशोधन नहीं हो पाया है। अभियान का लाभ उठाने से वंचित नागरिक पूछ रहे हैं कि वे तो घर पर बीएलओ का इंतजार ही करते रह गए।

अब, उन्हें वोटर बनने या त्रुटियां दूर करने के लिए अब क्या करना होगा? कहां जाना होगा? पाठकों के इस सवाल पर अमर उजाला ने मंगलवार को अलग-अलग इलाकों के कई घरों का दरवाजा खटखटाया और पूछा कि आपके यहां वोटर लिस्ट से संबंधित काम के लिए बीएलओ आए क्या? ज्यादातर घरों से जवाब मिला- नहीं।
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दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देश पर राष्ट्रीय निर्वाचक नामावली शुद्धीकरण कार्यक्रम 2016 के अंतर्गत जिला निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटि रहित और अपडेट करने के उद्देश्य से एक जुलाई से जिले में अभियान चलाया। अभियान के तहत बीएलओ को डोर टू डोर जाकर वोटर लिस्ट अपडेट करनी थी। यह अभियान आज यानी 20 जुलाई को समाप्त हो रहा है। आखिर, बीएलओ पहुंचे क्यों नहीं ? इसकी फौरी तहकीकात में पता चला है कि ज्यादातर बीएलओ राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों पर निर्भर रहे।

उन लोगों ने अपने-अपने इलाके के लोगों के फार्म भरकर उन्हें थमा दिए और वे अब उसी के आधार पर नाम जोड़ या काट देंगे। खैर, बीएलओ के इस कदम से चुनाव आयोग का अभियान बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यह गड़बड़ी तब पता सामने आएगी, जब जब लोग चुनाव के दिन वोट देने बूथ पर पहुंचेंगे। तब किसी कॉलोनी के सभी लोगों का नाम कटा मिलेगा और कई ऐसे अनजाने लोग वोटर के तौर पर नजर आएंगे, जो कभी कॉलोनी में देखे भी नहीं गए।

यह गड़बड़ी कितने बड़े पैमाने पर हुई है, हम दावा नहीं कर सकते, मगर कुछ तो गड़बड़ है। इसकी तहकीकात की जरूरत है कि आखिर बीएलओ घर-घर पहुंचे क्यों नहीं? खैर, हमारी अपने सुधि पाठकों से अपील है कि वे बीएलओ का इंतजार न करें। वोट देना आपका अधिकार और कर्तव्य दोनों है, लिहाजा घर से निकलें और खुद ही अपना नाम जुड़वाएं। वोटर आईडी बनवाएं। अगर आप कहीं से वोटर हैं और दूसरी जगह से नाम डलवा रहे हैं तो पहली जगह से नाम जरूर कटवाएं। एक से अधिक स्थानों से वोटर बनना कानूनी जुर्म है, अभी नहीं समझे तो जेल भी जा सकते हैं। अब भी वक्त है।

देहरादून सहायक निर्वाचन अधिकारी पीएस रावत ने बताया कि लोग अब भी अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। अगर अभियान से वंचित रह गए हैं, तो संबंधित तहसील में जाकर जरूरी फार्म भरकर वोटर कार्ड या उसमें जानकारी अपडेट करा सकते हैं। इसके अलावा सुबह 10 से शाम पांच बजे तक जिला निर्वाचन कार्यालय में दूरभाष नंबर 0135-2624216 पर या खुद कार्यालय पहुंचकर संपर्क कर सकते हैं। यहां से भी रिपोर्ट संबंधित तहसीलदार को भेजी जाएगी।

ये काम होने थे
- एक जनवरी 2016 को 18 वर्र्ष या उससे अधिक की आयु पूरी करने वाले भारतीय नागरिकों के वोटर कार्ड बनाना
- वोटर लिस्ट या वोटर कार्ड में नाम, पता आदि की त्रुटियों में संशोधन करना 
- किसी विस्थापित, मृत या अनुपस्थित मतदाता का नोटिस के बाद नाम हटाना
- खो गए वोटर कार्ड को बनवाना

लोगों की प्रतिक्रिया
‘घर पर कोई बीएलओ नहीं पहुंचा। हमारे पास वोटर कार्ड तो है, लेकिन उसमें कुछ संशोधन करना है। हम सोच रहे थे कि अभियान के तहत बीएलओ घर आएंगे तो जानकारी अपडेट करा देंगे।’
- साधना अरोड़ा, निवासी द्वारिका पुरी

‘हमारे पास वोटर कार्ड नहीं है। हमें बीएलओ का इंतजार था कि वे घर आएंगे तो वोटर कार्ड बन जाएगा। बीएलओ के न आने से हमें निराशा हुई है। अब वोटर कार्ड बनाने के लिए हमें क्या करना होगा?’ 
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- मोना निवासी, इंजीनियर्स एंकलेव 

क्या कहते हैं जिलाधिकारी
जिन क्षेत्रों में बीएलओ नहीं गए हैं, उनका ब्यौरा एकत्र किया जा रहा है। अगर बड़े स्तर पर ऐसा हुआ है तो बीएलओ पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जो क्षेत्र सर्वे से वंचित रह गए हैं, वहां दोबारा अभियान चलाया जाएगा।
- रविनाथ रमन, जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
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