गंगा और उसकी सहायक नदियों में मछलियों के अवैध शिकार के लिए करंट, डायनामाइट विस्फोट, ब्लीचिंग पाउडर से कई मछलियों की प्र्रजातियों का अस्तित्व खतरे में है। नदियों में विस्फोट के कारण पानी दूषित हो रहा है।
अलकनंदा, पिंडर, आटागाड़, नंदाकिनी, मंदाकिनी, पूर्वी एवं पश्चिमी नयार नदियों में लगातार हो रहे डाइनामाइट विस्फोट, ब्लीचिंग पाउडर और करंट से महाशीर, ट्राउट और कॉड सहित कई प्रजाति की मछलियां मर रही हैं।