अपर सचिव जेपी जोशी की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ गई है। जेपी जोशी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया था।
इससे पहले देहरादून के यौन शोषण प्रकरण में जेपी जोशी को ब्लैकमेल करने के आरोपी टीवी चैनल पत्रकार संजय बैनर्जी को पुलिस ने रविवार शाम न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रिंकी साहनी की अदालत में पेश किया।
इसके साथ ही पुलिस दो अन्य पत्रकारों की तलाश में भी दबिश दे रही है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी और इस खेल से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम सामने आएंगे।
कोई अधिवक्ता न होने के कारण बहस नहीं हुई
अदालत ने उसे 11 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने उसे शनिवार को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। पेशी के दौरान आरोपी की ओर से कोई अधिवक्ता मौजूद न होने के कारण बहस नहीं हुई।
हालांकि, आरोपी ने अदालत में कहा कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने जेपी जोशी से कोई बात नहीं की। वे कुछ समय पहले ही टीवी चैनल में आया है। संजय इन दिनों टू ई/168 सी वैशाली थाना इंद्रापुरम, गाजियाबाद में रह रहा था।
वह मूल रूप से 152 जी एफ ब्लॉक एच गली नंबर 16 संगम विहार, दिल्ली का निवासी है।
जोशी ने दर्ज कराया था मुकदमा
संजय समेत तीन लोगों के खिलाफ निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी ने 22 नवंबर को बसंत विहार थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने संजय के खिलाफ 384, 389, 504, 120 बी और 109 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कानून के जानकारों के मुताबिक यदि आरोप साबित हुए तो उसे दो साल से दस साल तक की सजा हो सकती है।
दो और टीवी पत्रकारों की तलाश जारी
यौन शोषण प्रकरण में ब्लैकमेलिंग के आरोपी दिल्ली के दो और टीवी पत्रकारों की तलाश में पुलिस दिल्ली से लेकर नैनीताल तक दबिश दे रही है।
इस मामले में एक टीवी पत्रकार संजय बनर्जी को पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक, फरार आरोपी पत्रकार अरेस्टिंग स्टे के लिए नैनीताल हाईकोर्ट जाने की कोशिश में हैं।
रविवार को पुलिस और एसटीएफ ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव में आरोपियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें दिल्ली और यूपी पुलिस की भी मदद ली जा रही है।