राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण(एनएचए) और सरकार की ओर से अभी तक ब्लैक फंगस को आयुष्मान योजना में दायरे में नहीं लगाया गया और न ही इलाज की दरें तय की गई। लेकिन, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों की जान बचाने के लिए आयुष्मान कार्ड धारकों को कैशलेस इलाज करने के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अधिकृत सूचीबद्व निजी अस्पतालों को दिशानिर्देश दिए गए हैं। सरकार व एनएचए की तरफ से इलाज की दरें व गाइडलाइन जारी होने तक प्राधिकरण के आदेश लागू रहेंगे।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने आयुष्मान भारत, राज्य आयुष्मान और राज्य स्वास्थ्य योजना के तहत कार्ड धारकों को ब्लैक फंगस का कैशलेस उपचार करने के लिए अंतरित व्यवस्था की गई है। आयुष्मान योजना में कोरोना के इलाज का पैकेज शामिल है, लेकिन अभी तक ब्लैक फंगस का इलाज आयुष्मान के दायरे में शामिल नहीं है। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने सरकार की ओर से ब्लैक फंगस इलाज के लिए अधिकृत सूचीबद्ध अस्पतालों को अंतरित व्यवस्था के रूप में कैशलेस इलाज के आदेश दिए गए।
अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज में यदि ब्लैक फंगस पाया जाता है तो उसे उपचार तो कोरोना पैकेज में मिलेगा, लेकिन दवाईयों व इंजेक्शन को अन स्पेसिफाइड (अनिर्दिष्ट) पैकेज में शामिल कर क्लेम किया जाएगा। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मरीज में ब्लैक फंगस मिला है तो उसे अस्पताल में भर्ती किया जाएगा और इलाज का क्लेम अन स्पेसिफाइड में किया जाएगा। कोटिया ने बताया कि जब तक एनएचए और सरकार की ओर से आयुष्मान योजना में ब्लैक फंगस के इलाज की दरें और दिशानिर्देश जारी नहीं किए जाते हैं तब तक प्राधिकरण के अंतरिम व्यवस्था के आदेश लागू रहेंगे।
सुशीला तिवारी अस्पताल में ब्लैक फंगस के एक संदिग्ध मरीज की शुक्रवार को मौत हो गई। ब्लैक फंगस के एसटीएच में पांच नए केस आए हैं। इनमें दिल्ली के दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है जबकि तीन की रिपोर्ट आनी है।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि दमुवाढूंगा निवासी 64 वर्षीय कोविड पॉजिटिव था और ब्लैक फंगस के लक्षण थे। मरीज ने इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। हालांकि मरीज की ब्लैक फंगस की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। दूसरी ओर दिल्ली निवासी 74 वर्षीय वृद्धा और दिल्ली निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति को भर्ती कराया गया है। दोनों ब्लैक फंगस से ग्रस्त हैं और इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है।
हालांकि कोविड निगेटिव हैं। काशीपुर निवासी 55 वर्षीय महिला, हल्द्वानी निवासी 57 वर्षीय व्यक्ति और रामनगर निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति को भर्ती कराया गया है। इनमें ब्लैक फंगस के लक्षण हैं और संदिग्ध मानकर इलाज किया जा रहा है। इनकी जांच रिपोर्ट आनी है।
एसटीएच में ब्लैक फंगस के कुल 12 मरीज भर्ती हैं। डॉ. जोशी ने बताया कि आठ में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है और चार की रिपोर्ट आनी शेष है। कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में ब्लैक फंगस के दो मरीज भर्ती हैं।