डॉक्टरों अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर हो रहे हमलों के विरोध में लिया निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर उत्तराखंड की आईएमए इकाई ने भी लिया निर्णय देहरादून। कोरोना के खिलाफ जंग में लगे डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य स्वास्थ्य कर्मियों पर हो रहे हमलों के विरोध में आईएमए से जुड़े डॉक्टरों ने देशभर में 23 अप्रैल को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत सभी डॉक्टर बाँह पर काला फीता बांधकर ड्यूटी करेंगे। इसके अलावा 22 अप्रैल को सभी डॉक्टर अपने अपने क्लीनिक, अस्पताल या घरों पर मोमबत्ती जलाकर इस तरह की घटनाओं का विरोध करेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के महासचिव डॉ. डीडी चौधरी ने इस बात की जानकारी दी गई। आइएमए का कहना है कि यदि चिकित्सकों के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए केंद्रीय कानून लागू नहीं किया गया तो 23 अप्रैल को काला दिवस मनाया जाएगा।