देहरादून। संसद में पारित कृषि बिल के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने आईएसबीटी के बाहर तीन घंटे जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कृषि बिल को किसान विरोधी बताते हुए तत्काल इसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान उन्होंने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सोमदत्त शर्मा के नेतृत्व में किसान आईएसबी में एकत्रित हुए। जहां उन्होंने कृषि बिल के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और आईएसबीटी पुल के नीचे चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक किसानों ने चक्का जाम किए रखा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा कृषि बिल किसान विरोधी और ऊंचे घरानों को फायदा पहुंचाने वाला है। इससे छोटे किसान बर्बाद हो जाएंगे और जमाखोरी बढ़ेगी। छोटे किसानों के पास फसलों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती है। इसलिए वह अपने अनाज को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हो जाएंगे।
सोमदत्त शर्मा ने कहा कि अध्यादेश में किसान एसडीएम कोर्ट तक ही अपनी समस्या रख सकता है। जो गलत है। कहा कि किसानों को अपनी फसल के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने की अनुमति होनी चाहिए। किसानों की फसल की मूल्य निर्धारण करते समय प्रदेश स्तर पर एक समिति बनाई जानी चाहिए। जिसमें किसानों का प्रतिनिधित्व भी हो। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह ब्लॉक स्तर पर छोटे-छोटे कोल्ड स्टोरेज बनाए, ताकि छोटे किसानों को फायदा हो सके।
इस दौरान प्रदेश सचिव रमेश चौहान, प्रदेश प्रवक्ता अरुण शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री चमन सिंह, जिला उपाध्यक्ष कविंद्र सिंह, संदीप चौहान, श्यामलाल चौधरी, भगवान सिंह, नितिन सेठी, संदीप कश्यप, पिंकी सिंह, मंजू यादव, नरेंद्र चौहान सोनू कश्यप, अनिल चौधरी आदि मौजूद रहे।
किसान सभा ने जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
देहरादून। अखिल भारतीय किसान सभा ने वामपंथी संगठनों सीटू, एफएसआई, इंटक, एटक, श्रमजीवी यूनियन व पूर्व सैनिक संगठन के साथ मिलकर राजपुर रोड से गांधी पार्क तक जुलूस निकाला। इसके बाद गांधी पार्क के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नए कानून को वापस लेने की मांग की।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा कृषि बिल से किसानों की उन्नति नहीं बल्कि बर्बादी होगी। इसके माध्यम से सरकार ने किसानों को सूदखोर व्यापारियों के हवाले कर दिया है। सही दाम की गारंटी खत्म कर दी है। कहा जा रहा है कि किसान इसके बाद अपने अनाज को दूसरे शहरों में भी बेच सकता है लेकिन जो किसान खेत से मंडी तक अनाज पहुंचाने में दिक्कतें झेलता है, वह एक शहर से दूसरे शहर तक कैसा पहुंच पाएगा। इससे कंपनियां किसानों से औने पौने दामों में फसल खरीदेंगे और उसे अन्य शहरों में महंगे दामों में बेचेंगे। इस दौरान किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सजवाण, गंगाधर नौटियाल, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह नेगी, लेखराज, इंद्रेश मैखुरी, एसएस पांगती, कमला पंत, हिमांशु चौहान, अमन कंडारी, सुमन, सुंदर, रविंद्र नौडियाल आदि मौजूद रहे।