भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष पद की लड़ाई अब असल खिलाड़ियों के बीच सिमटती दिख रही है। तमाम दावेदारों की दावेदारी का पिटारा इसी महीने खुलने की उम्मीद है। शुक्रवार को दिल्ली में अमित शाह ने अपनी कोर टीम के साथ कई राज्यों के अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर लंबी चर्चा भी की है।
नए साल की पूर्व संध्या पर प्रदेश भाजपा को नया सेनापति मिल जाएगा। शुक्रवार को हुई राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बैठक में महामंत्री संगठन रामलाल के अलावा कई पदाधिकारी थे। इस दौरान उत्तराखंड को लेकर भी चर्चा हुई है।
इसी महीने ताजपोशी तय
भाजपा के संविधान के मुताबिक 31 दिसंबर तक 50 प्रतिशत राज्यों में अध्यक्ष घोषित करना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव खटाई में पड़ सकता है, क्योंकि 50 प्रतिशत राज्यों में चुनाव के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनाव हो सकता है।
इसलिए कई प्रदेश अध्यक्षों की ताजपोशी इसी महीने होनी तय मानी जा रही है। उत्तराखंड भी इसी में शामिल है। सूत्र बताते हैं कि सारी सूची छंट गई है, अब एक दो नाम ही शेष बचे हैं। इन्हीं में से किसी को प्रदेश भाजपा की बागडोर मिलनी है।