जिन नेताओं को चुनने के बाद जनता विधानसभा और संसद भेजती है, उन्हें वापस बुलाने का अधिकारी (राइट टू रिकॉल) भी जनता को मिलना चाहिए। यह बात मंगलवार को सुद्धोवाला स्थित बाबा फरीद इंस्टीट्यूट के रंगरेजा कार्यक्रम में पहुंचे सुल्तानपुर से सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री वरुण गांधी ने कही।
उन्होंने कहा कि राजनीति में एक ओर आपराधिक छवि वाले नेताओं की नो एंट्री होनी चाहिए तो दूसरी ओर किसी भी चुनाव से पहले उस पर खुली बहस होनी चाहिए। बाबा फरीद में द रोड टू इंडिया फ्यूचर विषय पर भाजपा सांसद ने कहा कि वह गांवों के भविष्य पर एक पुस्तक लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे गांवों से जुड़ी कई अहम बातें सामने आएंगी।
साथ ही उन्होंने किसी भी चुनाव से पहले खुली बहस की वकालत करते हुए कहा कि आम लोगों को ऐसा माहौल बनाना है कि अगला चुनाव चाहे वह पंचायत का हो या लोकसभा का, इस पर पहले खुली बहस हो। चुनाव में खड़े एक-एक व्यक्ति का विजन आम आदमी के सामने रखा जाए, इसके बाद चुनाव हो। उन्होंने राजनीति में सुधार पर जोर देते हुए राइट टू रिकॉल की वकालत भी की।
वरुण गांधी ने गरीबी, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण, किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को लेकर देशभर के कई उदाहरण छात्रों के सामने रखे। उन्होंने कहा कि जहां पहले संसद साल में औसत 150 दिन चलती थी और वहीं पिछले 15 साल में सालाना औसत 35 दिन भी नहीं चल रही है। ऐसे में संसद में बन रहे अधिकांश कानून बगैर चर्चा के ही पास हो रहे हैं।
वरुण ने बंद कराया ड्रोन
वरुण गांधी ने कहा कि वेतन-भत्ते बढ़ने चाहिए, लेकिन यह अधिकार विधायक और सांसदों को नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी कई नेता ऐसे संसद और विधानसभाओं में बैठे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। इन अपराधियों को राजनीति से दूर करना जरूरी है।
इस मौके पर विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, कालेज चेयरमैन जोगेंद्र सिंह अरोड़ा, निदेशक अनिंदर सिंह अरोड़ा, रजिस्ट्रार भूपेंद्र सिंह अरोड़ा, डा. असलम सिद्दीकी, अरविंद सिंह हीरा, डा. एलएच उपाध्याय, भाजपा नेता शादाब शम्स आदि मौजूद रहे।
वरुण ने बंद कराया ड्रोन
समारोह के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए समारोह स्थल पर मंडरा रहे एक ड्रोेन पर भाजपा सांसद वरुण गांधी ने आपत्ति जताई। उनका बार-बार ध्यान भंग हो रहा था। लिहाजा, उन्होंने यह ड्रोन बंद करा दिया। इसके बाद वह पैदल ही कालेज के गेट तक आए तो जगह-जगह छात्रों ने उन्हें सेल्फी लेने के लिए रोका।
मंच पर दिखा रंगारंग संगम
बीएफआईटी के रंगरेजा समारोह में मंच पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं ने समां बांध दिया। गढ़वाली गीतों के अलावा कलर्स ऑफ इंडिया के तहत कई राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। भूटान के छात्र-छात्राओं ने जहां अपना पारम्परिक नृत्य जोंखा पेश कर सबको ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया, वहीं नागालैंड के छात्र-छात्राओं ने भी बेम्बो नृत्य का शानदार नजारा पेश किया। बुधवार को कालेज में राइजिंग स्टार विनर बैनेट दोसाज अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देंगे।