प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश का सांसद होने के नाते उत्तराखंड की समस्याओं को संसद में रखने मौका मिला है। प्रदेश का सबसे बड़ा पलायन का मुद्दा है, जिसे संसद में उठा चुका हूं।
ईको सेंसिटिव जोन कानून का हो सरलीकरण
प्रदेश में पानी की समस्या का समाधान जन आंदोलन के तहत पूरा किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रदेश के हर घर को पानी और नल मिल जाएगा। ईको सेंसिटिव जोन के बारे में उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में कई गांव 1942 से बसे हैं।
इन गांवों में वन अधिनियम का कानून आड़े आ रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार को ईको सेंसिटिव जोन कानून को सरलीकरण किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष राकेश सेंगर, रोशन रतूड़ी, चंद्रवीर पोखरियाल, जयप्रकाश कोठारी, भगवती काला, बीना जोशी, पुष्पा ध्यानी, इंदिरा आर्य, राकेश भट्ट, भगवती काला आदि मौजूद थे।