प्रचंड बहुमत से उत्तराखंड में सरकार बनाने जा रही बीजेपी पहले दिन से अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने जा रही है। इस क्रम में संस्कृत भाषा के प्रमोशन पर सरकार ठोस संदेश दे सकती है। बीजेपी के कई विधायक संस्कृत में शपथ ले सकते हैं।
इसके लिए उन्होंने अपनी सहमति प्रकट की है। संघ के आनुसांगिक संगठन संस्कृत भारती ने माहौल बनाने के लिए इस संबंध में मुहिम छेड़ दी है। संस्कृत भारती का दावा है कि ज्यादातर बीजेपी विधायक संस्कृत में ही शपथ लेंगे।
उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, लेकिन ये भी सच्चाई है कि न तो सामान्य व्यवहार और न ही राजकाज में कहीं संस्कृत दिखाई दे रही है। निशंक सरकार ने संस्कृत भाषा के प्रमोशन के लिए विधानसभा में सभी मंत्रियों के कक्ष में संस्कृत में लिखी नेम प्लेट लगवा दी थीं।