देहरादून उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने द्वाराहाट विधायक महेश नेगी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला को समन भेजा है। जिसमें गैर कानूनी ढंग से बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने के मामले में जांच के लिए महिला को 19 सितंबर को आयोग में पेश होने का आदेश दिया है।
आयोग की ओर से बताया गया है कि महिला को कई बार नोटिस जारी किए गए लेकिन महिला ने उन्हें रिसीव नहीं किया। यही वजह है कि अब महिला को पुलिस के माध्यम से समन भेजा गया है। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अनुसचिव डा.रोशनी सती की ओर से जारी समन में कहा गया है कि आयोग को सीपीसीआर अधिनियम 2005 की धारा 14 के तहत आपको समन जारी किया जाता है।
जो आपको अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करता है। यदि आप बिना विधि सम्मत इसकी अवहेलना करती हैं या आयोग में उपस्थित नहीं होती हैं, तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। समन में कहा गया है कि बालिका का डीएनए टेस्ट गैरकानूनी रूप से कराने के मामले की जांच एवं कार्रवाई के लिए आपका पक्ष जानना जरूरी है। इसलिए 19 सितंबर को दोपहर 2.30 बजे वह आयोग में पेश हों।