प्रदेश में कई भाजपा विधायकों की सरकार से दोस्ती जगजाहिर हो चुकी है। पार्टी के भीतर इस बात को लेकर सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।
लेकिन मसूरी में सीएम के आगमन से ठीक पहले भाजपा विधायक गणेश जोशी द्वारा आंदोलनकारियों का अनशन तुड़वाना खुद भाजपा के लिए भी विचारणीय प्रश्न बन गया है।
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मसूरी गोली कांड को लेकर दो सितम्बर को मसूरी में ही आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को शिरकत करनी थी। बहुगुणा तो नहीं गए, लेकिन सरकार के दो कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल व प्रीतम सिंह पंवार ने कार्यक्रम में गए। कार्यक्रम के कई दिन पहले से आंदोलनकारी अनशन पर बैठे थे।
मसूरी विधायक ने दिलचस्पी ली
उनकी मांग सरकारी नौकिरयों में आरक्षण, सीबीआई वाले मुकदमों में फंसे लोगों को पेंशन और चिन्हीकरण करना थीं। इनके धरने को खत्म करने में कांग्रेसी विधायकों ने तो बहुत दिलचस्पी नहीं ली लेकिन भाजपा के मसूरी से विधायक गणेश जोशी ने पूरी मेहनत कर सीएम के आने से पहले ही उनका अनशन समाप्त करा दिया।
यह बात भाजपा संगठन को पच नहीं रही है। पार्टी के भीतर ही चर्चा शुरू हो गई है। सीएम के दौरे से ठीक पहले भाजपा विधायक गणेश जोशी ने जिस तरह से आंदोलनकारियों को मनाया उस तर्ज पर तो खुद कांग्रेस विधायकों ने भी कोई पहल नहीं की।
भाजपा विधायक के इस मित्र विधायक केरवैये को लेकर एक धड़ा पार्टी संगठन के भीतर आवाज उठाने की फिराक में है।
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