बता दें कि भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री उमा भारती बीते सात मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने वाले दिन यहां पहुंची थीं। गंगोत्री में ईशावस्यम आश्रम में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन वे धराली लौट आईं।
यहां तीन दिन तक एक होटल में ठहरकर उन्होंने मुखबा मार्कण्डेय पुरी एवं हर्षिल के मंदिरों में पहुंचकर साधना की। रविवार को उत्तरकाशी पहुंची उमा भारती ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर मत्था टेका और पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मीडिया से रूबरू हुई उमा भारती ने इसे अपनी निजी धार्मिक यात्रा बताया।