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देर रात 'अपना घर' आश्रम में छापा मारने पहुंचीं मंत्री रेखा आर्य, फटे कपड़ों में मिली आश्रित महिलाएं

Thu, 11 Oct 2018 08:21 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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अपना घर आश्रम में जांच करती मंत्री रेखा आर्य
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राजधानी देहरादून के ‘अपना घर’ आश्रम में बुधवार को महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री ने सोशल ऑडिट टीम के साथ मिलकर छापा मारा। इस दौरान आश्रम में भारी अनियमितताएं पाई गईं। पता चला कि आश्रम में महिलाओं को भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता है।

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यहां न तो सफाई होती है और न ही महिलाओं के कमरों में दरवाजे हैं। इस दौरान यह भी पता चला कि आश्रम बिना रजिस्ट्रेशन के ही संचालित हो रहा है। छानबीन के बाद मंत्री के आदेश पर आश्रम संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तराखंड में भी आश्रय घरों और अनाथालयों का सोशल ऑडिट किया जा रहा है। इसी क्रम में पिछले दिनों जोगीवाला स्थित ‘अपना घर’ आश्रम का भी ऑडिट किया गया।

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आपबीती सुनानी शुरू की तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं

आश्रम में 10 महिलाएं और 17 बच्चे (3 से 11 वर्ष) रह रहे हैं। सोशल ऑडिट टीम को जब अनियमितताओं का पता चला तो उन्होंने इसकी जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य को दी। इस पर रेखा आर्य ने बुधवार को ऑडिट टीम के साथ मिलकर छापेमारी की।

यहां शुरुआत में विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने महिलाओं से जानकारी ली। आश्रितों ने फटे कपड़े पहने हुए थे। एक एक कर महिलाओं ने उन्हें आपबीती सुनानी शुरू की तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि यहां महिलाओं को भरपेट खाना तक नहीं दिया जाता है। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि वह यहां बिना दरवाजों के कमरों में रहने को मजबूर हैं।

आश्रम में सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जाता है। जब ऑडिट टीम ने कागजातों की जांच की तो पता चला कि आश्रम का रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। ऐसे में मंत्री ने संचालकों को फटकार लगाई और इस मामले में तत्काल उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। 

इस पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा की ओर से अपना घर आश्रम के संचालकों के खिलाफ तहरीर दी गई है। एसओ नेहरू कॉलोनी राजेश साह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी संचालकों के नाम अज्ञात हैं, जो जांच के बाद ही सामने आएंगे। 
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बच्चों को किया शिफ्ट

राज्यमंत्री ने यहां रह रहे सभी 17 बच्चों को यहां से अन्यत्र शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। इस पर बाल कल्याण समिति की ओर से इन सभी बच्चों को बाल और शिशु निकेतन में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा महिलाओं को भी नारी निकेतन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

आश्रम में पुरुष कर्मचारी ज्यादा 
जांच में पाया गया कि आश्रम में महिलाओं की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। आश्रम में महिलाओं की कर्मचारियों से ज्यादा पुरुष कर्मचारी हैं। यही नहीं आश्रम में बाहरी लोगों के आने जाने पर भी किसी तरह की रोक नहीं है। यहां न तो सीसीटीवी कैमरे हैं और न ही गार्ड। ऐसे में साफ है कि महिलाओं की सुरक्षा का भी यहां समुचित ध्यान नहीं रखा जा रहा है। 

सफाई पर ध्यान नहीं 
महिलाओं की सफाई का भी ध्यान यहां आश्रम में नहीं रखा जाता है। महिलाओं के लिए जरूरी जानकारियां भी उनको नहीं दी जाती हैं। यही नहीं माहवारी के दौरान इस्तेमाल होने वाले सेनेटरी पैड भी आश्रम में उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा कमरों में भी गंदगी पसरी है और शौचालय भी साफ नहीं हैं।  
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