विवि में हुई गड़बड़ियों की 17 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। प्रभारी कुलसचिव रामजी शरण शर्मा ने बताया कि विवि में कमतर सिक्योरिटी एजेंसी को ठेका देने से लेकर कैंटीन के ठेके और विभिन्न स्तरों पर की गई खरीद की भी जांच की जा रही है।
पहले भी विवादित रही नियुक्तियां
आयुर्वेद विवि में नियुक्तियों का यह विवाद पहला नहीं है। इससे पहले भी असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति विवादों के बाद तीन बार रद्द की गई थी। इसकी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक भी हुआ था। बाद में किसी तरह नियुक्तियां हो पाईं।
जो पद स्वीकृत नहीं थे उन पर भर्ती किए गए कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। साथ ही शासन को लिखा गया है कि इन पदों को एक अप्रैल से सृजित किया जाए। ताकि, इन पर पुन: भर्ती की जा सके।
- रामजी शरण शर्मा, प्रभारी कुलसचिव आयुर्वेद विवि
मेरी पत्नी पिंकी आयुर्वेद विवि में कार्यरत थी। उन्हें हटा दिया गया है, इसकी जानकारी नहीं मिली है। जब पता चलेगा तो उसी हिसाब से कुछ कहा जा सकेगा।
-नरेंद्र सेमवाल, पीआरओ, आयुष मंत्री