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पंचायत प्रतिनिधियों को भरी सभा में ये क्या बोल गए मंत्री जी?, मच गया हंगामा

Fri, 17 Nov 2017 06:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ हरिद्वार
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प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे ने भरी सभा में स्टेज से हजारों की तादाद में पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों को ऐसी-ऐसी बातें बोल दी कि वहां हंगामा खड़ा हो गया। आगे जानिए क्या कहा उन्होंने...
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मंत्री अरविंद पांडे के बिगड़े बोलों ने पंचायती महाकुंभ में खलल डाल दिया। आयोजन में अव्यवस्थाओं देख वे उनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। मंच पर खुद माइक संभालते हुए उन्होंने पहले तो सभी को नसीहत देते हुए शांत बैठने को कहा, लेकिन जब कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ तो वे अपनी वाणी पर संयम खो बैठे।

प्रतिनिधियों से उन्होंने कहा कि इंसान बन जाओ जानवर की तरह व्यवहार न करो, प्रधान, बीडीसी, ब्लाक प्रमुख, मंत्री बनना कोई बड़ी बात नहीं होती, इस पर घमंड न करो। दो घंटे में न भूखे मरोगे और न प्यासे।
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जानिए और क्या बोले

दरअसल बृहस्पतिवार को हरकी पैड़ी के मालवीय द्वीप पर पंचायत महाकुंभ आयोजन किया गया था। प्रतिभागी जनप्रतिनिधि तड़के से हरकी पैड़ी पर जुटने लगे थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पूर्वाह्न 11 बजे महाकुंभ का शुभारंभ होना था, लेकिन अतिथियों के देर से आने से यह साढ़े 12 बजे शुरू हो सका।

दीप प्रज्ज्वलित होने के बाद भाषणबाजी शुरू हो गई तो सुबह से भूखे प्यासे बैठे जनप्रतिनिधि पानी मांगने लगे। कुछ लोगों के उठकर जाने पर उन्हें रोका गया तो कईयों ने भूखे होने की बात कही।

शासन के एक अधिकारी ने उन्हें शांत बैठने को कहा, लेकिन जनप्रतिनिधि आते-जाते रहे। इन अव्यवस्थाओं को देख पंचायती मंत्री अरविंद पांडेय अपना धैर्य खो बैठे। मंत्री के बयान से महाकुंभ में खलल पैदा हो गया।
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कुर्सियों से खड़े होकर मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

मंत्री के इस व्यवहार से जनप्रतिनिधियों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने कुर्सियों से खड़े होकर मंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी देते हुए कई जनप्रतिनिधि बाहर आ गए। मामला बिगड़ते देख ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरवीर परमार ने सभी को शांत बैठने को कहा, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ।

पूर्व सांसद बलराज पासी की बात भी उन्होंने नहीं मानी। इसके बाद मंत्री अरविंद पांडेय ने फिर माइक संभाला और ग्राम प्रधानों को शांत न होने पर इसे विपक्षियों की साजिश बताया। यही नहीं पीछे खड़े ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरवीर परमार को मंच से नीचे उतारते हुए उन्होंने कहा कि वे सभी को साथ ले जाएं।

मंत्री की बात पर प्रधान, बीडीसी सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रमस्थल से जाने लगे तो मंत्री ने उनके कार्यों की और दिए गए बजट की जांच कराने की चेतावनी देते हुए उन्हें विपक्ष की चाल व दलालों के चंगुल में न फंसने की सलाह दी।

मंत्री के इस व्यवहार से खफा हो कई प्रधान मंच पर चढ़ गए और मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह और अन्य अधिकारियों ने उन्हें खींचते हुए नीचे उतार दिया।
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