फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लंबे समय बाद भाजपा नेताओं का इंतजार हुआ खत्म, डेढ़ दर्जन पदाधिकारियों के दायित्वों पर ताजपोशी आज 

Fri, 21 Dec 2018 10:12 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
trivendra singh rawat
विज्ञापन

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डेढ़ दर्जन भाजपा पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों और कार्यकर्ताओं को दायित्व आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। दस नामों पर मुहर लग चुकी है, जबकि लगभग आठ से दस नामों पर शुक्रवार को मुहर लगने के बाद आदेश जारी हो जाएंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने देर रात गोपन विभाग से नई सिरे से सूची तलब की। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को विभिन्न आयोगों और बोर्डों में लगभग 18 राजनीतिक नियुक्तियों के आदेश जारी होंगे। इस बाबत मुख्यमंत्री ने शासन को निर्देश जारी कर दिए हैं। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने गुरुवार को अपने जन्मदिन पर दायित्व आवंटन पर लंबे समय से चल रहे इंतजार पर विराम लगा दिया है। सत्ता में आने के पौने दो वर्ष बाद लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने राजनीतिक नियुक्तियां करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री की एक दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के साथ मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई थी। इस बैठक में डेढ़ दर्जन नामों पर मुहर लग गई थी।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों और पूर्व विधायकों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार शाम को दायित्वधारियों की पहली सूची पर हस्ताक्षर कर दिये हैं। शुक्रवार को गोपन विभाग इसके आदेश जारी कर देगा। मुख्यमंत्री कार्यालय और शासन के सूत्रों ने पुष्ट किया है कि दायित्वधारियों की पहली सूची फाइनल हो चुकी है। शुक्रवार को गोपन विभाग दायित्व आवंटन की सूची जारी कर देगा। 

विज्ञापन

रांगड़ को इनाम, बंसल को भी मिलेगा पद 

धनोल्टी से विधायक रहे महावीर रांगड़ का नाम दायित्वधारियों की पहली सूची में शामिल है। विधानसभा चुनाव में महावीर के विधायक होने के बावजूद टिकट कटा था। महावीर के बागियों में शामिल नहीं होने का इनाम उन्हें अब मिल  रहा है। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल का नाम भी सूची में है।

लंबे इंतजार के बाद चेती सरकार 
पांच राज्यों में हार के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को आगामी लोकसभा चुनाव की चिंता सताने लगी है। माना जा रहा है कि कार्यकर्ताओं में बढ़ते असंतोष को देखते हुए केंद्र के इशारे पर नियुक्तियां हुई हैं। हालांकि सरकार ने दो माह पहले दायित्वधारियों के पदों की सूची शासन से मांग ली थी, लेकिन जानकारों के अनुसार अचानक हुए फैसले की असल वजह आगामी लोकसभा चुनाव ही माने जा रहा हैं। 

45 महत्वपूर्ण पदों पर ही तैनाती 
सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के आयोगों, निगमों, बोर्डों, परिषदों और समितियों में दायित्वधारियों के कुल डेढ़ सौ पदों में से केवल 45 ही भरे जाएंगे। सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने के लिए यह निर्णय सरकार ने लिया है। हालांकि संगठन लगातार इस संख्या को बढ़ाने का दबाव बना रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के बीच हुई बैठक के बाद लोकसभा चुनाव से पहले केवल 45 पद भरने पर सहमति बनी है। 

मंत्रिमंडल पर भी होगा जल्द फैसला 
दायित्व आवंटन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार पर भी सरकार जल्द फैसला ले सकती है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार कोई भी जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं है। वहीं विधायकों में अंदरखाने असंतोष पनप रहा है। ऐसे में जल्द मंत्रिमंडल में रिक्त दो पदों पर नियुक्ति का फैसला हो सकता है। 
विज्ञापन

अफसर जमे बैठे थे पदों पर 

दायित्वधारियों के लिए तय पदों पर नियुक्तियां नहीं होने से ऐसे पदों को आईएएस और पीसीएस अफसर संभाल रहे थे। इसको लेकर कार्यकर्ता संगठन और सरकार से नाराजगी भी जता चुके हैं। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद सरकार को पहले से तैनात अफसर पदों से हटाने पड़ेंगे।

इन नामों पर लगी मुहर 
नरेश बंसल 
महावीर रांगड़
केदार जोशी
गजराज बिष्ट 
शमशेर सत्याल 
डा. विनोद आर्य
मोहन प्रसाद 
विजय बड़त्थवाल 
डा. आरके जैन
शमीम आलम 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें