धनोल्टी से विधायक रहे महावीर रांगड़ का नाम दायित्वधारियों की पहली सूची में शामिल है। विधानसभा चुनाव में महावीर के विधायक होने के बावजूद टिकट कटा था। महावीर के बागियों में शामिल नहीं होने का इनाम उन्हें अब मिल रहा है। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल का नाम भी सूची में है।
लंबे इंतजार के बाद चेती सरकार
पांच राज्यों में हार के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को आगामी लोकसभा चुनाव की चिंता सताने लगी है। माना जा रहा है कि कार्यकर्ताओं में बढ़ते असंतोष को देखते हुए केंद्र के इशारे पर नियुक्तियां हुई हैं। हालांकि सरकार ने दो माह पहले दायित्वधारियों के पदों की सूची शासन से मांग ली थी, लेकिन जानकारों के अनुसार अचानक हुए फैसले की असल वजह आगामी लोकसभा चुनाव ही माने जा रहा हैं।
45 महत्वपूर्ण पदों पर ही तैनाती
सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के आयोगों, निगमों, बोर्डों, परिषदों और समितियों में दायित्वधारियों के कुल डेढ़ सौ पदों में से केवल 45 ही भरे जाएंगे। सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने के लिए यह निर्णय सरकार ने लिया है। हालांकि संगठन लगातार इस संख्या को बढ़ाने का दबाव बना रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के बीच हुई बैठक के बाद लोकसभा चुनाव से पहले केवल 45 पद भरने पर सहमति बनी है।
मंत्रिमंडल पर भी होगा जल्द फैसला
दायित्व आवंटन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार पर भी सरकार जल्द फैसला ले सकती है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार कोई भी जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं है। वहीं विधायकों में अंदरखाने असंतोष पनप रहा है। ऐसे में जल्द मंत्रिमंडल में रिक्त दो पदों पर नियुक्ति का फैसला हो सकता है।
दायित्वधारियों के लिए तय पदों पर नियुक्तियां नहीं होने से ऐसे पदों को आईएएस और पीसीएस अफसर संभाल रहे थे। इसको लेकर कार्यकर्ता संगठन और सरकार से नाराजगी भी जता चुके हैं। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद सरकार को पहले से तैनात अफसर पदों से हटाने पड़ेंगे।
इन नामों पर लगी मुहर
नरेश बंसल
महावीर रांगड़
केदार जोशी
गजराज बिष्ट
शमशेर सत्याल
डा. विनोद आर्य
मोहन प्रसाद
विजय बड़त्थवाल
डा. आरके जैन
शमीम आलम