दुष्कर्म के आरोपी भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार ने जांच में सहयोग करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है। मामले में उन्हें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे मिल चुका है। हालांकि इस संबंध में एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि उन्हें अभी अधिकारिक पत्र नहीं मिला है। लेकिन, नियमों के अनुसार संजय को जांच में सहयोग करना ही होगा। यदि ऐसा नहीं करते तो कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पांच जनवरी को इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। संजय कुमार पर पीड़िता से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का आरोप था। पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयानों के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराएं और जोड़ दी थी। इसी बीच संजय कुमार ने उच्च न्यायालय (नैनीताल) से गिरफ्तारी स्टे हासिल किया। बताया जा रहा है पुलिस इस मामले में तेजी से विवेचना कर रही है। दो बार घटनास्थल का निरीक्षण भी विवेचना अधिकारी कर चुके हैं। ऐसे में अब संजय के करीबियों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखा है कि वे जांच में सहयोग करना चाहते हैं। वे पुलिस के सामने साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखने को तैयार हैं।
जब इस बाबत एसएसपी निवेदिता कुकरेती से बात की तो उन्होंने पत्र मिलने की बात से इनकार किया। कहा कि पत्र उन्हें नहीं मिला है, लेकिन संजय आरोपी हैं। जहां तक उन्हें मिले स्टे की बात है तो उसकी अधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। बावजूद इसके यदि सहयोग नहीं होता तो पुलिस अगली कार्रवाई करेगी। मुकदमे की विवेचना बारीकी से की जा रही है, ताकि कोई पक्ष न छूटे और हर साक्ष्य हाथ लग सके।
दूसरे दिन हुए बयान
पीड़िता ने संजय कुमार पर आरोप लगाने के साथ-साथ अपना मोबाइल गायब कराने संबंधी भी तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने पार्टी की एक महिला और पुरुष कार्यकर्ता पर आरोप लगाया था। मामले में भी विवेचना दारोगा ज्योति चौहान ही कर रहीं हैं। उन्होंने मंगलवार को दोनों कार्यकर्ताओं से पूछताछ की थी। एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि दोनों के मंगलवार को बयान पूरे नहीं हो पाए थे, लिहाजा बुधवार को इनके बयान दर्ज किए गए।
पीड़िता का कराया अल्ट्रासाउंड
दो दिन पहले पीड़िता की मेडिकल परीक्षण प्रक्रिया शुरू हुई थी। मंगलवार शाम को प्रक्रिया पूरी हुई। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला का अल्ट्रासाउंड भी कराया है। ताकि, मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट तैयार की जा सके।