मलिन बस्तियों के नियमितीकरण और उन्हें मालिकाना हक देने की मांग को लेकर भाजपा ने पार्षदों के साथ सचिवालय कूच किया। पुलिस के रोकने पर भाजपाइयों ने सुभाष रोड पर धरना देकर विरोध जताया।
शुक्रवार को भाजपा पार्षदों के नेतृत्व में कार्यकर्ता और मलिन बस्तियों के लोग बड़ी संख्या में पार्टी के महानगर कार्यालय में एकत्र हुए। वहां से कनक चौक होते हुए सचिवालय कूच किया। पुलिस ने सचिवालय के समीप सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और मलिन बस्तियों की अनदेखी पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरनास्थल पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि 13 दिसंबर 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी द्वारा अधिसूचना जारी कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय मलिन बस्ती नीति निर्धारित कर 582 बस्तियों के नियमितीकरण और हाउस टैक्स लगाने का निर्णय लिया था।
मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इस निर्णय को पलटकर मलिन बस्तियों के साथ अन्याय किया है।मेयर विनोद चमोली ने कहा कि अगर कांग्रेस के मंत्री-विधायक वास्तव में मलिन बस्ती वालों के हितैषी हैं तो चार साल गुजरने पर भी बस्तियों का नियमितीकरण क्यों नहीं करा रहे हैं।
उलटा नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स लगाने की प्रक्रिया को बाधित कर उन्हें मालिकाना हक से वंचित रखा जा रहा है। धरने को भाजपा के झारखंड प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, पूर्व कैबिनेट मंत्री खजानदास, सुशील बलूनी, ज्योति गैरोला, भगवत प्रसाद मकवाना आदि ने भी संबोधित किया।
संचालन महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल और महानगर महामंत्री आदित्य चौहान ने किया। धरने में वरिष्ठ पार्षद सुशील गुप्ता, भूपेंद्र कठैत, कमली भट्ट, नीतू वाल्मीकि, सतीश कश्यप, वरिष्ठ नेता संजय गुप्ता, महानगर महामंत्री राजेंद्र सिंह ढिल्लो, महेश पांडेय आदि मौजूद थे।