देहरादून के क्लेमेंटाउन में चुनाव नतीजों से एक दिन पहले तक पांचों सीटों पर जीत का दावा कर रही उत्तराखंड भाजपा की नतीजे आने के साथ हवा निकल गई।
इसके पीछे पार्टी के भीतर गुटबाजी और कई गलत फैसलों के अलावा निवर्तमान उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी के खिलाफ माहौल बनना भी वजह रही।
क्लेमेंटटाउन कैंट बोर्ड में उपाध्यक्ष रहते हुए भूपेंद्र कंडारी ने काम तो कराया, लेकिन कई लोगों की नाराजगी भी मोल लेते गए। स्थानीय नेताओं को दरकिनार कर लिए गए फैसले भी पार्टी पर भारी पड़े।
स्थिति यह थी कि भूपेंद्र कंडारी को खुद भी अपने गृह वार्ड दो को छोड़कर वार्ड तीन से मैदान में उतरना पड़ा। वार्ड चार पर लाख विरोधों के बावजूद सुशीला रावत को पार्टी ने टिकट दे दिया। मुस्लिम बहुल वार्ड सात में पार्टी ने प्रत्याशी के चयन में मात खाई।