वहीं रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ के खिलाफ भाजपाइयों के बाद अब कांग्रेसियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कई प्रत्याशियों ने काऊ पर मतगणना में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करने की चेतावनी दी है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. आरपी रतूड़ी, वार्ड 57 प्रत्याशी मुकेश रेगमी और वार्ड 56 प्रत्याशी अमित भंडारी ने काऊ पर अधिकारियों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान काऊ अपने पुत्र के साथ अनाधिकृत रूप से मतगणना स्थल के अंदर गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इसकी शिकायत संबंधित आरओ से की गई तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि अधिकृत अभिकर्ताओं को आधी मतगणना के बाद अंदर जाने दिया गया। तब तक काऊ मतगणना में गड़बड़ियां कर अपने प्रत्याशियों को जितवा चुके थे। उन्होंने इस मामले में काऊ के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित वार्डों में दोबारा मतगणना कराने की मांग की है। इस अवसर पर अजबपुर ब्लॉक अध्यक्ष विजय गुप्ता, विकास डंडरियाल, राकेश भट्ट, मनोज चौधरी समेत अन्य मौजूद रहे।
मैं और मेरा बेटा वार्ड 46 से 60 और 62 से 68 तक के लिए अधिकृत पास लेकर आरओ के टेबल के पास गए। तब दिनेश अग्रवाल ने भी आपत्ति जताई थी। मैंने उन्हें पास दिखाया तो वह चुपचाप वहां से चले गए। अब हार से बौखलाए कांग्रेसियों की हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी है। मुझे कानून की जानकारी है, मैं कानून कभी हाथ में नहीं लेता।
- उमेश शर्मा काऊ, विधायक रायपुर
देहरादून जिले में रायपुर विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम के पांच वार्डों में भाजपा की हार को लेकर उठा विवाद और अधिक तूल पकड़ने लगा था।
दरअसल चर्चा फैलती जा रही है कि रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने लोगों के बीच यह कहते सुने गए कि हारने वाले भाजपा प्रत्याशियों में से कोई भी उनके क्षेत्र का नहीं है, विधायक गणेश जोशी अपना ठीकरा यहां फुड़वाने यहां आ गए थे।
इन बातों के बाहर आने के बाद से कार्यकर्ताओं का गुस्सा पूरे उफान पर है और वे विधायक काऊ को पार्टी से हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि रायपुर विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम के पांच वार्डों में भाजपा की हार को लेकर कार्यकर्ताओं के निशाने पर आए विधायक उमेश शर्मा काऊ ने यह कहकर पलटवार किया कि प्रत्याशी कमजोर थे, इसलिए हारे। भितरघात में उनकी भूमिका पर गलत सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बयान के बाद भी भाजपा कार्यकर्ता हार का ठीकरा सीधे-सीधे काऊ के सिर फोड़ रहे हैं।