उस समय मंत्री हरक सिंह रावत, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विनोद रावत, शंकर चंद रमोला और सतपाल ब्रह्मचारी उपस्थित नहीं हो पाए थे। इस कारण इन नेताओं की पत्रावली को अलग कर दिया गया था।
वन मंत्री हरक सिंह रावत बृहस्पतिवार दोपहर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश हुए। रावत के अलावा किशोर उपाध्याय, सतपाल ब्रह्मचारी, विनोद रावत ने भी अपनी हाजिरी लगाई।
पांचवें आरोपी शंकर सिंह रमोला की तरफ से हाजिरी माफी लगाई गई। सीजेएम ने मामले की सुनवाई को दो अप्रैल की तिथि निर्धारित की है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।