भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण की प्रक्रिया के दिनो में उत्तरप्रदेश विधानसभा में कई नेताओं ने सहारनपुर मुज़फ़्फ़ रनगर व उत्तराखंड से जुड़े हुए कुछ भाग को उत्तराखंड में जोड़ने व सशक्त पश्चिम उत्तर प्रदेश बनाने की बात कही थी।
इन नेताओं में से कई ने उनसे भी इस बारे में बातचीत की थी। लेकिन उस समय भी हमने इस बारे में मना कर दिया था। यहां तक कि उत्तराखंड बनने के बाद भी कुछ नेता व संगठन भी इस बारे में प्रयासरत रहे।
किंतु हम इससे सहमत नहीं हुए। अब यही सत्य है कि सहारनपुर और अन्य क्षेत्र उत्तराखंड में नहीं है और उत्तरप्रदेश का भाग हैं। इस स्थिति में कोई परिवर्तन होने वाला नहीं है। इसलिए इस मामले को हमेशा के समाप्त मान लेना चाहिए।
भट्ट ने कहा कि सहारनपुर व अन्य स्थानों के लोग उत्तराखंड के प्रति जो प्रेम प्रदर्शित करते हैं हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। उत्तरप्रदेश व उत्तरखंड का रिश्ता बड़े भाई व छोटे भाई का है और यह संबंध हमेशा बना रहेगा।