केंद्र सरकार ने गुरु गोविंद सिंह जी की 350 वीं जयंती पर राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने इस मौके पर उत्तराखंड के अस्पतालों का आधुनिकीकरण कर सुपर स्पेशल्टी सुविधा सुधारने के साथ ही गरीबों के लिए नाइट शेल्टर बनाए जाने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। हर राज्य से आने वाले प्रस्तावों पर केंद्रीय मंत्रालय 40 करोड़ से अधिक की धनराशि देगा।
महापुरुषों की जयंती पर सरकारें अकसर भव्य समारोह या उनकी याद में स्मारक की घोषणाओं तक सीमित रहती हैं, लेकिन मोदी सरकार अब औपचारिक कार्यक्रमों के साथ ऐसे मौकों पर जन सुविधाओं को सुधारने के लिए धनराशि देगी।
गुरु गोविंद सिंह जी की 22 दिसंबर को मनाए जाने वाली 350 वीं जयंती पर उनके सम्मान और याद में हर प्रदेश में स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने का निर्णय लिया गया है। इस आयोजन को गरीबों की सेहत और उनके लिए रैनबसेरों से जोड़ा गया है। सचिव संस्कृति मंत्रालय एनके सिन्हा ने राज्य के मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह को इस संबंध में पत्र भेजा है।
मंत्रालय ने राज्य से 31 जुलाई तक स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने को लेकर चार कार्यों के प्रस्ताव मांगे हैं। इनके लिए मंत्रालय लगभग 42 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य को उपलब्ध कराएगा। राज्य से मिलने वाले प्रस्तावों पर केंद्र यह धनराशि एकमुश्त जारी करेगा। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय और राज्य के बीच बाकायदा एमओयू साइन होगा।
राज्य में गुरु गोविंद सिंह जी के सम्मान में निर्मित होने वाले भवन को उनका नाम दिया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और शहरी विकास सचिव को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
ये काम हो सकेंगे
अधिकतम पांच अस्पतालों का अपग्रेडेशन - 25 करोड़
10 सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक का निर्माण - 05 करोड़
10 अस्पतालों में सोलर पॉवर सिस्टम लगाना - 10 करोड़
गरीबों के लिए दो नाइट शेल्टर - 02 करोड़