बर्ड फ्लू के संकट के बीच वन विभाग ने आसन कंजरवेशन रिजर्व में पक्षियों की गणना की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। अगले सप्ताह झील में प्रवास पर आने वाले परिंदों की गणना का काम शुरू किया जा सकता है।
शनिवार को प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) राजीव भरतरी के भी रामपुर मंडी पहुंचने की उम्मीद है। यहां वह कर्मचारियों के साथ रिजर्व में पक्षियों की गणना की तैयारियों से लेकर बर्ड फ्लू तक पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वह नए प्रशिक्षु वन कर्मचारियों की भी क्लास लेंगे।
मालूम हो कि हर साल आसन कंजरवेशन रिजर्व में प्रवासी परिंदे प्रवास पर पहुंचते हैं। ये पक्षी साइबेरिया समेत कई देशों की यात्रा कर यहां पहुंचते हैं। अक्तूबर के अंत से लेकर मार्च माह की शुरुआत तक यह झील ही इन विदेशी परिंदों का प्रवास स्थल रहती है। ऐसे में बीते कई साल से वन विभाग इन परिंदों की गणना करा रहा है। इसके तहत पक्षियों की संख्या से लेकर प्रजातियों तक की गणना की जाती है।
इस गणना से वन विभाग को इन परिंदों के वास स्थल को समझने में मदद मिलती है। हर साल यह गणना जनवरी के दूसरे पखवाड़े में की जाती है। ऐसे में अगले सप्ताह इस गणना को कराने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वन दरोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि परिंदों की गणना कराने की तैयारियां की जा रही है। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलते ही गणना कराने का काम किया जाएगा।
बर्ड फ्लू के कारण मुर्गी पालक परेशान हैं। लॉकडाउन में बेरोजगार युवाओं और काश्तकारों को पशुपालन विभाग ने बड़ी संख्या में चूजे वितरित किए थे, जिससे कई लोगों ने पोल्ट्री फार्म खोलकर स्वरोजगार शुरू किया था। अब उन्हें डर है कि उनकी मुर्गियां भी फ्लू की चपेट में आ गई तो उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोरोना संक्रमण के काल के लॉकडाउन में गांव लौटे प्रवासियों ने पशुपालन विभाग की पोल्ट्री फार्म योजना से जुड़कर जुलाई-अगस्त और दिसंबर माह में मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया था। इसके लिए जिले में 13 मदर पोल्ट्री फार्म बनाए गए। हालांकि अब चोपड़ा मदर पोल्ट्री फार्म में साढ़े चार हजार और नौली में करीब डेढ़ हजार चूजे थे।
जबकि नौली, घनसाली, चमियाला, बडियारगढ़, नागणी, कुमाल्डा, कीर्तिनगर, मलेथा और नैनीसैण आदि हर पोल्ट्री फार्म में करीब पांच सौ से लेकर सात सौ तक मुर्गियां हैं। इसी तरह जिले के हर गांव में आठ-दस काश्तकारों को भी आय बढ़ाने के लिए 100-100 चूजे दिए गए थे लेकिन अब बर्ड फ्लू आने से सभी पोल्ट्री फार्म स्वामी और मुर्गी पालक चिंतित हैं।
निगरानी के लिए बनाई टीमें
बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाकर ब्लाक स्तर पर भी टीमें बनाई गई है। जिले में अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। विभाग ने जो चूजे बांटे हैं, वह राज्य के सरकारी कुक्कुट फार्म से ही वितरित किए गए हैं। कीर्तिनगर में जो मामला सामने आया है, उसकी रिपोर्ट दो-तीन दिन में मिल जाएगी। - एचएस बिष्ट, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।