प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान का कहना है कि मृत कौवों की हालत देखकर नहीं लगता है कि उनकी मौत बर्ड फ्लू से हुई है। कौवों की गर्दन ऐंठने जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। ऐसे में लोगों को बर्ड फ्लू बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गाइडलाइन के मुताबिक की जा रही निगरानी
सीवीओ डा. एसबी पांडे का कहना है कि बर्ड फ्लू को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिला स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। पक्षियों के मरने की सूचना पर टीम को मौके पर भेजकर जानकारी जुटाई जाती है। बर्ड फ्लू की आशंका होने पर मृत पक्षियों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
जिले के पोल्ट्री फार्म पर पैनी नजर
डा. एसबी पांडे ने बताया कि जिले के सभी पोल्ट्री फॉर्म में साढ़े पांच लाख से अधिक मुर्गियों पर नजर रखी जा रही है। अभी तक मुर्गियों की मौत की सूचना नहीं मिली है। फॉर्म संचालकों को बर्ड फ्लू का शक होने पर तुरंत सूचना देने की हिदायत दी गई है।
देश के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि उत्तराखंड में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई केस सामने नहीं आया है। इसके बावजूद नुकसान से बचने के लिए पोल्ट्री संचालकों ने सस्ते में अपने बॉयलर मुर्गों को बेचना शुरू कर दिया है। इसके चलते दून के पोल्ट्री फार्म खाली होने लगे हैं। बर्ड फ्लू के डर का असर अंडे के दामों पर भी पड़ा है।
शेरपूर गांव में पोल्ट्री फार्म चलाने वाले शुभम ने बताया कि हर साल बर्ड फ्लू की वजह से हजारों रुपये का नुकसान होता है। ऐसे में इस बार सस्ते में अपने सभी बॉलयर मुर्गों को बेच दिया है। बर्ड फ्लू की खबर से अंडे के दामों में भी 20 से 30 रुपये की गिरावट आई है। सहसपुर निवासी गुलफाम ने भी अपने बॉयलर मुर्गों को सस्ते में बेच दिया है।
गुलफाम ने बताया कि बर्ड फ्लू से बॉयलर को बचाने के लिए उन्होंने कुछ दिन पहले अपने पोल्ट्री फार्म का तापमान बढ़ाया था। इसके लिए पोल्ट्री फार्म में अतिरिक्त लाइटे लगाने के साथ अंगीठी भी जलानी शुरू की थी।
हालांकि बर्ड फ्लू की दस्तक दून पहुंचने से पहले ही मुर्गों को सस्ते दामों में बेच दिया है। पलटन बाजार के बॉबी चिकन सेंटर में काम कर रहे कर्मचारी ने बताया कि अभी चिकन के दामों में कोई खास असर नहीं पड़ा है।
इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ने बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइंस ज्वालापुर हरिद्वार में बर्ड फ्लू को लेकर मेडिकल संगोष्ठी आयोजित की। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. केपीएस चौहान ने बताया कि बर्ड फ्लू पक्षियों में बहुत तीव्र गति से फैलने वाला एक विशेष प्रकार का संक्रमण है।
इससे पक्षियों की तत्काल मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस संक्रामक के मनुष्य में आने की भी बड़ी संभावना बनी रहती है। इसलिए लोगों को पक्षियों का मांस व अंडों के सेवन से बचना चाहिए। कहा कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी की वाइरुनिल और इम्यून अप मेडिसिन से काफी आराम मिलता है।
संगोष्ठी में लक्ष्मी कुशवाहा, हिना कुशवाहा, शमा परवीन, मंजूला, गीता सिंह, नीलम, साहिल कश्यप, बीबी कुमार, एमटी अंसारी, अमरपाल सिंह, संजय मेहता, विक्रम सिंह, गुलाम साबिर, अशोक कुमार, राकेश कुमार, सुनील कुमार, रमेश चंद्र, नरेंद्र कुमार आदि चिकित्सक उपस्थित रहे।