फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bird Flu in Uttarakhand : नौ मृत साइबेरियन पक्षी भारत की सीमा पर छोड़ नेपाल की ओर भागा नेपाली युवक

Sat, 09 Jan 2021 10:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नौ मृत साइबेरियन पक्षियों को छोड़कर एक नेपाली युवक नेपाल की ओर भाग गया। एसएसबी 57वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट बीपीएस नेगी ने बताया कि शुक्रवार को वाहिनी की मेलाघाट स्थित सी कंपनी के जवान एसआई लोकेश कुमार के नेतृत्व में पेट्रोलिंग कर रहे थे।

विज्ञापन


Bird Flu : विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह से चिकन और अंडा खाने से बर्ड फ्लू का खतरा नहीं

इस दौरान जवानों को एक युवक लाल बैग लेकर नेपाल की ओर जाता दिखा। रोकने पर उसने बैग को वहीं छोड़ नहर में छलांग लगा दी और नहर पार कर नेपाल की ओर जंगल में भाग गया। बैग खोलने पर उसमें नौ मृत साइबेरियन पक्षी बरामद हुए। एसएसबी ने मृत साइबेरियन पक्षियों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है। 
विज्ञापन


बर्ड फ्लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा भी सतर्क

भले राज्य में अभी बर्ड फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन इसे लेकर जिला स्वास्थ्य महकमा भी सतर्कता बरत रहा है। बर्ड फ्लू को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनूप डिमरी ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इसमें सीएमओ ने कहा है कि बर्ड फ्लू के लक्षण वाले किसी भी तरह के मरीज के इलाज शुरू करने के साथ ही मरीज के आने और उसकी स्थिति की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को भी दें। सीएमओ डॉ. डिमरी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों को बर्ड फ्लू को लेकर तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

इंसानों में ऐसे फैलता है वायरस

डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई पक्षी इस फ्लू से प्रभावित होता है और व्यक्ति किसी काम के दौरान पक्षी के मल या मूत्र के संपर्क में आ जाता है तो उससे यह वायरस इंसान तक पहुंच जाता है। यह संक्रामक बीमारी है। इसलिए अगर कोई पक्षी मरा हुआ दिखे तो उससे दूर रहें। उसे न छूएं, उससे संक्रमण का खतरा हो सकता है।

संक्रमित होने पर 48 घंटे में इलाज जरूरी

अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार बताते हैं कि बर्ड फ्लू का अभी तक कोई मानक इलाज नही है। एंटीबायरल दवाओं से इसका उपचार किया जाता है। लक्षण दिखने के 48 घंटे के भीतर दवा लेनी जरूरी है। ऐसा न करने पर हालत बिगड़ सकती है। 

ये हैं लक्षण

बुखार, खांसी , जुकाम, बदन दर्द, उल्टी आना

ऐसे बरतें सावधानी

-मरे पक्षी के संपर्क में न आएं
-बिना पका चिकन न खाएं
-पक्षियों के रहने के स्थान पर साफ सफाई बनाएं रखें
-पक्षियों के मल-मूत्र के निपटान करते समय मास्क व दस्ताने पहन कर रखें
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें