डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई पक्षी इस फ्लू से प्रभावित होता है और व्यक्ति किसी काम के दौरान पक्षी के मल या मूत्र के संपर्क में आ जाता है तो उससे यह वायरस इंसान तक पहुंच जाता है। यह संक्रामक बीमारी है। इसलिए अगर कोई पक्षी मरा हुआ दिखे तो उससे दूर रहें। उसे न छूएं, उससे संक्रमण का खतरा हो सकता है।
संक्रमित होने पर 48 घंटे में इलाज जरूरी
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार बताते हैं कि बर्ड फ्लू का अभी तक कोई मानक इलाज नही है। एंटीबायरल दवाओं से इसका उपचार किया जाता है। लक्षण दिखने के 48 घंटे के भीतर दवा लेनी जरूरी है। ऐसा न करने पर हालत बिगड़ सकती है।
ये हैं लक्षण
बुखार, खांसी , जुकाम, बदन दर्द, उल्टी आना
ऐसे बरतें सावधानी
-मरे पक्षी के संपर्क में न आएं
-बिना पका चिकन न खाएं
-पक्षियों के रहने के स्थान पर साफ सफाई बनाएं रखें
-पक्षियों के मल-मूत्र के निपटान करते समय मास्क व दस्ताने पहन कर रखें