देहरादून। नगर निगम क्षेत्र में मौजूद तबेलों के गोबर से बायो सीएनजी बनाने की योजना है। इस बाबत देहरादून स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड ने नगर निगम प्रशासन से तबेलों की जानकारी मांगी है। प्रयोग सफल रहने पर प्लांट लगाया जाएगा। गोबर मुहैया कराने वाले तबेला संचालकों को धनराशि भी दी जाएगी, यह कितनी होगी, इसका निर्णय बाद में किया जाएगा।
शहर में बायो सीएनजी का प्रयोग शुरू करने को लेकर देहरादून स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन से तबेलों और गाय-भैंस की संख्या मांगी गई है। इस कड़ी में निगम के पशु अनुभाग की ओर से पुराने 60 वार्डों में 307 तबेले और सात हजार से अधिक गाय-भैंस की सूचना देहरादून स्मार्ट सिटी कार्यालय को भेज दी गई है।
ओएनजीसी ने अभी तक नहीं दिया जवाब
नगर निगम की ओर से ओएनजीसी के सीएसआर फंड में 10 करोड़ रुपये प्लांट लगाने की योजना थी, लेकिन अभी तक ओएनजीसी प्रशासन की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में अब स्मार्ट सिटी के जरिये गोबर का निस्तारण करने में आसानी होगी।
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देहरादून स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बायो सीएनजी की दिशा में काम करने की योजना है। इसे लेकर नगर निगम की ओर से तबेलों तथा गाय-भैंस की संख्या में बारे में जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
-डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, सीईओ, देहरादून स्मार्ट सिटी