लॉकडाउन को देखते हुए राज्य प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के होटलों, उद्योगों, आश्रमों आदि को जल एवं वायु प्रदूषण के लिए सहमति लेने में तीन माह की रियायत दे दी है।
प्रदेश में उद्योगों, आश्रमों, होटलों, खनन पट्टों, धर्मशालाओें आदि को वायु एवं जल के लिए सहमति और अनापत्ति लेने के लिए 31 मार्च 2020 तक का समय दिया गया था। अब राज्य प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण बोर्ड ने अनापत्ति और सहमति का समय तीन माह और बढ़ा दिया है।
आदेश के मुताबिक कोरोना संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इससे उन उद्योगों को भी राहत मिलेगी, जिनके पास मार्च 2020 तक की सहमति थी।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान अब खनन को भी अनुमति दे दी है। बोर्ड की ओर से एनओसी न मिलने पर खनन पट्टा धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, सबसे अधिक समस्या छोटे उद्योगों के सामने थी।
सहमति लेने के लिए इनकी ओर से सहमति शुल्क भी जमा करना होता था। अब इन्हें भी तीन माह की रियायत मिल गई है। बोर्ड की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि 31 मार्च 2020 तक की वैधता को तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है।