सामने आया कि कुल फीस में से हर साल कुछ रकम स्कूल के खाते में जमा ही नहीं की गई। आरोप है कि करीब छह माह पूर्व जब ऑडिट की शुरुआत हुई तब लिपिक वीरेंद्र शर्मा को भी ऑडिट कमेटी के समक्ष पेश होने को कहा गया।
लेकिन वह पेश नहीं हुआ और स्कूल भी नहीं आ रहा है। एसएसआई राकेश कुमार ने बताया कि घोटाला करीब नौ-दस लाख रुपये का है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच की जा रही है।